राजसमंद जिले को सुरक्षित डिजिटल क्षेत्र बनाने की दिशा में प्रशासन ने एक कदम आगे बढ़ाया है। जिला कलेक्टर अरुण कुमार हसीजा और पुलिस अधीक्षक हेमंत कलाल के मार्गदर्शन में शुरू की गई संयुक्त जनहितकारी पहल 'डिजिटल प्रहरी' ई-मैगज़ीन अब जिले की आधिकारिक वेबसाइट पर पूरी तरह उपलब्ध करा दी गई है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को साइबर अपराधियों के तौर-तरीकों से आगाह करना और उन्हें सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के प्रति साक्षर बनाना है।
कैसे डाउनलोड करें और क्या है उद्देश्य
यह ई-मैगज़ीन सिर्फ पढ़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे एक जन-अभियान का रूप दिया गया है। विद्यार्थी, युवा, महिलाएं, वरिष्ठ नागरिक और जिले का हर आम नागरिक इसके सभी अंकों को आसानी से डाउनलोड कर सकता है।
साइबर पुलिस थाने के प्रोग्रामर खैरूल वसीम ने बताया कि इस ई-मैगज़ीन के माध्यम से आम जनता को बेहद सरल और आसान भाषा में कई जानकारियां दी जा रही हैं। इसमें ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव, सोशल मीडिया का सुरक्षित इस्तेमाल, साइबर हाइजीन, और साइबर अपराध होने पर उसकी सही रिपोर्टिंग के तरीके शामिल हैं।
सुरक्षित डिजिटल माहौल की ओर कदम
बढ़ते डिजिटल चलन के साथ ऑनलाइन ठगी के मामलों में भी इजाफा हुआ है। ऐसे में आमजन को इन डिजिटल खतरों से बचाने के लिए जिला प्रशासन और करियर संस्थान ने मिलकर यह साझा मंच तैयार किया है। इसके जरिए जिले के हर नागरिक को 'डिजिटल प्रहरी' बनाने का लक्ष्य रखा गया है ताकि लोग खुद भी सतर्क रहें और दूसरों को भी जागरूक कर सकें।
