Thursday, 22 October 2026
अभी का दौर

राजस्थान में कृषि और ग्रामीण विकास: 34 महीने में सिंचाई और किसान कल्याण के नए आंकड़े

संक्षेप में

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार ने पिछले 34 महीनों में कृषि और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में बड़े रिकॉर्ड बनाए हैं। नहरी सिंचाई का दायरा पौने तीन गुना बढ़कर 1.42 लाख हेक्टेयर हुआ है, जबकि ड्रिप सिंचाई, तारबंदी और सोलर पंप स्थापना में पिछली सरकार के पाँच साल के मुकाबले उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

मुख्य बातें

  • 34 माह में 1 लाख 42 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में नहरी सिंचाई सुविधा का विस्तार हुआ।
  • ड्रिप और मिनी स्प्रिंकलर प्रणालियों पर 1,304 करोड़ रुपये का अनुदान दिया गया।
  • खेतों की सुरक्षा के लिए 445 लाख मीटर तारबंदी कराई गई।
  • प्रदेश में 67 हजार 408 सोलर पंप सेट स्थापित किए गए।
राज्य समाचार
राजस्थान में कृषि और ग्रामीण विकास: 34 महीने में सिंचाई और किसान कल्याण के नए आंकड़े

जयपुर में राज्य सरकार के हालिया प्रशासनिक आंकड़ों के मुताबिक, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में पिछले 34 महीनों के दौरान ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि क्षेत्र में बड़े पैमाने पर बुनियादी बदलाव दर्ज किए गए हैं। सरकार का दावा है कि सिंचाई नेटवर्क के विस्तार, आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रोत्साहन और पशु चिकित्सा सेवाओं के सुदृढ़ीकरण से जुड़े इन आंकड़ों ने पिछली कांग्रेस सरकार के पूरे पांच साल के कार्यकाल के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है।

नहरी तंत्र और पाइपलाइन अनुदान में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

कृषि क्षेत्रों तक पानी पहुँचाने के प्राथमिक उद्देश्य के तहत वर्तमान सरकार ने अपने अब तक के कार्यकाल में 1 लाख 42 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में नहरी तंत्र से नई सिंचाई सुविधा सृजित की है। तुलनात्मक रूप से, पिछली कांग्रेस सरकार के पहले 34 महीनों में यह दायरा 35 हजार 909 हेक्टेयर और पूरे पाँच साल के कार्यकाल में 52 हजार 182 हेक्टेयर दर्ज किया गया था। इस प्रकार इस अवधि में लगभग पौने तीन गुना अधिक क्षेत्र को नहरी सिंचाई से जोड़ा गया है।

इसके साथ ही, खेतों तक पानी पहुँचाने के लिए पाइपलाइन अनुदान योजना के तहत 98 हजार 753 किसानों को वित्तीय सहायता दी गई है। पूर्ववर्ती सरकार के समकक्ष कार्यकाल में यह आँकड़ा 67 हजार 410 किसानों तक सीमित था।

ड्रिप सिंचाई और तारबंदी योजनाओं का विस्तार

सूखे और जल-संकट वाले क्षेत्रों में जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए ड्रिप एवं मिनी स्प्रिंकलर प्रणालियों का दायरा बढ़ाया गया है। इन तकनीकों के माध्यम से अब तक 3 लाख 10 हजार हेक्टेयर कृषि क्षेत्र को लाभांवित किया गया है, जबकि पिछली सरकार के पाँच वर्षों में यह आँकड़ा 1 लाख 83 हजार हेक्टेयर था। इस मद में दिए जाने वाले अनुदान की राशि भी बढ़कर 1 हजार 304 करोड़ रुपये तक पहुँच गई है, जो पिछले पूरे कार्यकाल के 842 करोड़ रुपये के मुकाबले काफी अधिक है।

आवारा पशुओं से फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चलाई जा रही तारबंदी योजना के तहत भी तेजी आई है। पिछले 34 महीनों में प्रदेशभर में 445 लाख मीटर लंबी तारबंदी कराई गई है, जिस पर 511 करोड़ रुपये का अनुदान वितरित किया गया। पूर्ववर्ती सरकार के पाँच साल के कार्यकाल में यह आँकड़ा 113 लाख मीटर और 113 करोड़ रुपये अनुदान तक ही सीमित था।

फार्म पॉण्ड और सौर ऊर्जा से राहत

वर्षा जल संग्रहण और खेतों में सिंचाई की निरंतरता बनाए रखने के लिए फार्म पॉण्ड निर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार के मौजूदा कार्यकाल में 35 हजार 893 फार्म पॉण्ड बनाए गए हैं और इसके लिए 369 करोड़ रुपये का अनुदान जारी हुआ है, जबकि पिछले कार्यकाल के पाँच वर्षों में 29 हजार 430 फार्म पॉण्ड का निर्माण हुआ था जिस पर 202 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। फव्वारा सिंचाई संयंत्रों के लिए भी 393 करोड़ रुपये का अनुदान दिया गया है।

पारंपरिक ऊर्जा पर निर्भरता कम करने के लिए कृषि क्षेत्र में सौर ऊर्जा को प्राथमिकता दी जा रही है। इन 34 महीनों में 67 हजार 408 सोलर पंप सेट स्थापित किए जा चुके हैं, जो पूर्ववर्ती सरकार के पाँच साल के कुल 63 हजार 140 सोलर पंप सेटों के आँकड़े से आगे निकल चुके हैं। इसके अलावा, संरक्षित खेती को बढ़ावा देने के लिए 10 लाख 91 हजार वर्ग मीटर क्षेत्र में शेडनेट हाउस स्थापित किए गए हैं और इस पर 45 करोड़ रुपये का अनुदान दिया गया है।

पशु चिकित्सा सेवाओं का सुदृढ़ीकरण

ग्रामीण आजीविका में पशुपालन की अहमियत को देखते हुए चिकित्सा ढांचे का विस्तार किया गया है। मौजूदा सरकार के दौरान 55 बहुउद्देशीय पशु चिकित्सालयों का क्रमोन्नयन किया गया है, जबकि पूर्ववर्ती सरकार के शुरुआती 34 महीनों में इस श्रेणी में कोई प्रगति नहीं हुई थी। इसके अतिरिक्त, राज्यभर में 117 पशु चिकित्सालयों को प्रथम श्रेणी चिकित्सालयों में क्रमोन्नत किया गया है, जिसके मुकाबले पिछले कार्यकाल के शुरुआती दौर में केवल तीन अस्पताल ही क्रमोन्नत हो पाए थे।

 

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

राजस्थान में पिछले 34 महीनों में नहरी सिंचाई का कितना विस्तार हुआ है?

वर्तमान सरकार ने 34 महीने के कार्यकाल में 1 लाख 42 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में नहरी तंत्र से सिंचाई सुविधा का विस्तार किया है, जो पिछली सरकार के 5 साल के मुकाबले पौने तीन गुना अधिक है।

ड्रिप और मिनी स्प्रिंकलर सिंचाई पर कितना अनुदान दिया गया है?

मौजूदा सरकार के पहले 34 महीनों में ड्रिप और मिनी स्प्रिंकलर प्रणालियों पर 1 हजार 304 करोड़ रुपये का अनुदान दिया गया है, जबकि पिछली सरकार के पूरे 5 साल में यह राशि 842 करोड़ रुपये थी।

खेतों की तारबंदी योजना के तहत कितनी प्रगति हुई है?

सरकार ने 34 महीनों में 445 लाख मीटर तारबंदी कराई है और इसके लिए 511 करोड़ रुपये का अनुदान दिया है, जो पिछले कार्यकाल के 5 साल के आँकड़े से लगभग चार गुना अधिक है।

कृषि क्षेत्र में सोलर पंप सेट स्थापना के क्या आँकड़े हैं?

इन 34 महीनों में राज्य में 67 हजार 408 सोलर पंप सेट स्थापित किए गए हैं, जबकि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के पूरे 5 वर्ष के कार्यकाल में 63 हजार 140 सोलर पंप सेट लगे थे।