अयोध्या के राम मंदिर निर्माण में चंदे के पैसों में हेराफेरी के आरोपों के बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया है। विश्व हिंदू परिषद (VHP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता विजय शंकर तिवारी ने शनिवार (27 जून, 2026) को इन इस्तीफों की पुष्टि की।

ट्रस्ट की अगली बैठक में होगा निर्णय ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी ने इस्तीफे की जानकारी देते हुए बताया कि चंपत राय और अनिल मिश्रा ने अपने पद छोड़ दिए हैं। उन्होंने कहा, "ट्रस्ट की अगली बैठक में इन इस्तीफों पर आधिकारिक निर्णय लिया जाएगा।" चंपत राय पर मंदिर निर्माण के लिए मिले चंदे में भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे, जिसके बाद यह बड़ा घटनाक्रम सामने आया है।

SIT की रिपोर्ट और FIR चंदे के पैसों में कथित अनियमितताओं का मामला 7 जून, 2026 को तब गरमाया, जब समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने करोड़ों रुपये के चंदे के गायब होने का दावा किया। इसके बाद 13 जून को उत्तर प्रदेश सरकार ने तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। SIT की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने FIR दर्ज की है। इस मामले में नामजद सभी आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर 29 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

भक्तों को भरोसा दिलाने की कोशिश विवाद के बीच ट्रस्ट ने पहली बार सार्वजनिक बयान जारी कर कहा कि वे निष्पक्ष जांच के लिए प्रतिबद्ध हैं। ट्रस्ट ने उन श्रद्धालुओं को आश्वस्त किया है जिन्होंने चांदी की ईंटें, आभूषण और अन्य कीमती वस्तुएं दान की थीं। ट्रस्ट के अनुसार, ये सभी वस्तुएं सुरक्षित हैं और इनका पूरा हिसाब-किताब रखा गया है।

सोशल मीडिया पर ट्रस्ट के नाम से एक पत्र भी वायरल हो रहा है, हालांकि उस पर कोई आधिकारिक हस्ताक्षर या लेटरहेड नहीं है। ट्रस्ट ने कहा कि वे इस घटना से अत्यंत दुखी हैं और राम भक्तों का विश्वास फिर से बहाल करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।