राजस्थान में जून का महीना खत्म होने के बावजूद भीषण गर्मी और उमस लगातार जारी है। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में लोगों को तेज धूप और लू जैसे हालात का सामना करना पड़ रहा है। सोमवार को श्रीगंगानगर 45.1 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान के साथ न केवल राजस्थान बल्कि पूरे देश का सबसे गर्म जिला रहा.. इसके अलावा बीकानेर, जोधपुर, चूरू, हनुमानगढ़ और पश्चिमी राजस्थान के कई इलाकों में भी तापमान 43 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रहा, जिससे दिनभर गर्म हवाएं चलती रहीं और उमस ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी। हालांकि दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के कोटा, बारां, झालावाड़, बूंदी और आसपास के कुछ क्षेत्रों में हल्के बादल छाने के साथ कहीं-कहीं बूंदाबांदी और हल्की बारिश दर्ज की गई, जिससे स्थानीय स्तर पर मौसम में मामूली बदलाव रहा भारत मौसम विज्ञान विभाग ने मंगलवार को प्रदेश के 26 जिलों के लिए आंधी, गरज-चमक, तेज हवाओं और हल्की से मध्यम बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक इन क्षेत्रों में 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और कुछ स्थानों पर अचानक बारिश होने की संभावना भी है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से सक्रिय हो रही मानसूनी हवाओं के कारण राजस्थान में मौसम तेजी से बदल रहा है। यदि मौजूदा परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो इस सप्ताह के अंत तक दक्षिण-पूर्वी राजस्थान के कोटा और बारां क्षेत्र से मानसून की प्रदेश में एंट्री होने की संभावना है। इसके बाद मानसून धीरे-धीरे अन्य जिलों की ओर बढ़ेगा और जुलाई के पहले सप्ताह में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों को कवर कर सकता है। मानसून के सक्रिय होने के साथ तापमान में गिरावट आएगी, उमस और गर्मी से राहत मिलेगी तथा किसानों को भी खरीफ फसलों की बुवाई के लिए अनुकूल मौसम मिलने की उम्मीद है। फिलहाल मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय तेज धूप से बचने, पर्याप्त पानी पीने और आंधी-बारिश के दौरान सतर्क रहने को कहा है।
