राजस्थान UCC में बहुविवाह पर बैन, बेटे-बेटी को बराबर विरासत; अब बहू को भी मिलेगी अनुकंपा नौकरी
राजस्थान में विधानसभा सत्र से पहले भजनलाल सरकार की कैबिनेट बैठक में कई बड़े फैसलों को मंजूरी दी गई है। सरकार ने समान नागरिक संहिता (UCC) के बिल को अनुमोदित कर दिया है। इसके तहत राज्य में बहुविवाह पर प्रतिबंध, विवाह का अनिवार्य पंजीयन और न्यायालय के जरिए विवाह विच्छेद जैसे प्रावधान होंगे। वहीं संपत्ति और विरासत के मामलों में बेटे और बेटी को समान अधिकार देने का प्रावधान किया गया है। कैबिनेट ने मृत सरकारी कर्मचारी के आश्रितों में पुत्रवधू को भी अनुकंपा नियुक्ति देने के फैसले को मंजूरी दी है। UCC आदिवासी समुदायों पर लागू नहीं होगा और इसके लिए गठित कमेटी की सिफारिशों को बिल में शामिल किया गया है।
1. UCC में बहुविवाह पर लगेगा प्रतिबंध
संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल के अनुसार राजस्थान के UCC में बहुविवाह पर रोक का प्रावधान रहेगा। विवाह विच्छेद यानी तलाक न्यायालय के माध्यम से ही होगा। साथ ही तय समय सीमा में विवाह का पंजीयन कराना अनिवार्य किया जाएगा। आवेदन खारिज होने की स्थिति में अपील का अधिकार भी दिया जाएगा।
2. बेटे-बेटी को संपत्ति में बराबर अधिकार
UCC के तहत विवाह से लेकर विरासत तक कई नियमों में बदलाव प्रस्तावित हैं। इसमें बेटे और बेटी को संपत्ति में समान अधिकार देने का प्रावधान शामिल है। यानी पारिवारिक विरासत के मामलों में लैंगिक आधार पर भेदभाव कम करने की दिशा में कदम उठाया गया है।
3. अब बहू को भी मिल सकेगी अनुकंपा नौकरी
कैबिनेट के एक अहम फैसले के तहत मृत सरकारी कर्मचारी की पुत्र या पुत्री के साथ पुत्रवधू को भी अनुकंपा नियुक्ति का लाभ मिल सकेगा। सरकार के इस फैसले से उन परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है, जहां कर्मचारी की मृत्यु के बाद परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी बहू संभाल रही है।
4. UCC आदिवासियों पर लागू नहीं होगा
सरकार के अनुसार राजस्थान में UCC आदिवासी समुदायों पर लागू नहीं होगा। UCC के लिए गठित कमेटी की सिफारिशों को बिल में शामिल किया गया है। सरकार का कहना है कि समान नागरिक संहिता का उद्देश्य राज्य में एक समान कानून की अवधारणा को लागू करना है।
5. पेड़ संरक्षण के लिए भी बड़ा फैसला
कैबिनेट ने राजस्थान ट्री प्रोटेक्शन बिल को भी मंजूरी दी है। इसके तहत पेड़ काटने पर सजा और जुर्माने के प्रावधान किए गए हैं। राजस्थान की पहचान खेजड़ी और रोहिड़ा समेत 29 अन्य पेड़ों को संरक्षित करने का प्रावधान है। विशेष परिस्थितियों में पेड़ काटने के लिए अलग प्रक्रिया तय की जाएगी।
अन्य फैसलों को भी मंजूरी
कैबिनेट ने राजपत्रित अधिकारी के दो वर्ष के भीतर त्यागपत्र देने पर वसूली नहीं करने और सरोगेसी मदर के लिए छुट्टियों के प्रावधान को भी मंजूरी दी है। सरकार के अनुसार UCC और ट्री प्रोटेक्शन बिल को आगामी विधानसभा सत्र में पेश किया जाएगा।
