शहडोल जिले के अमलाई रेलवे स्टेशन से लगभग 200 मीटर की दूरी पर, अमलाई और बुढार रेलवे स्टेशन के मध्य निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज पर रविवार को इंजीनियरिंग का एक ऐतिहासिक कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यहां 450 टन वजनी और लगभग 14 करोड़ 92 लाख रुपये मूल्य के विशाल ओपन वेब गर्डर की लॉन्चिंग 1000 टन क्षमता वाली अत्याधुनिक क्राउलर क्रेन की सहायता से की गई। यह उपलब्धि बिलासपुर रेलवे जोन के इतिहास में पहली मानी जा रही है, जहां इस तकनीक का उपयोग कर ओपन वेब गार्डर स्थापित किया गया।
रेलवे ने इस कार्य के लिए तीन घंटे का विशेष ट्रैफिक ब्लॉक स्वीकृत किया था, लेकिन विशेषज्ञों की सुनियोजित रणनीति और बेहतरीन समन्वय के चलते पूरी लॉन्चिंग प्रक्रिया महज 2 घंटे 40 मिनट में ही सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई। निर्धारित समय से पहले कार्य पूरा होने से रेलवे संचालन भी सुचारु रूप से जारी रहा।इस चुनौतीपूर्ण परियोजना में रेलवे की अधिकृत कंपनी पूनम कंस्ट्रक्शन, नागपुर ने गर्डर के फैब्रिकेशन और लॉन्चिंग की जिम्मेदारी निभाई, जबकि एस.एस.वी. इंफ्रास्ट्रक्चर ने पूरी परियोजना के निष्पादन, तकनीकी समन्वय और स्थल पर कार्यों को सफलतापूर्वक संचालित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दोनों कंपनियों के इंजीनियरों, तकनीकी विशेषज्ञों और कुशल कर्मचारियों ने उच्च सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए इस जटिल कार्य को सफलता के साथ पूरा किया।चूंकि लॉन्चिंग स्थल के दोनों ओर लगातार सड़क यातायात संचालित रहता है, इसलिए इस भारी-भरकम गर्डर को सुरक्षित ढंग से स्थापित करने के लिए विशेष रूप से 1000 टन क्षमता की क्राउलर क्रेन मंगाई गई। विशाल क्रेन द्वारा 450 टन वजनी गर्डर को सटीक स्थान पर स्थापित करने की प्रक्रिया देखने के लिए आसपास के क्षेत्रों से हजारों की संख्या में लोग मौके पर पहुंचे। पूरे घटनाक्रम के दौरान लोगों में उत्सुकता और रोमांच का माहौल बना रहा।रेलवे अधिकारियों और परियोजना से जुड़े विशेषज्ञों ने इसे आधुनिक इंजीनियरिंग, तकनीकी दक्षता और बेहतर समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। उनका मानना है कि यह उपलब्धि न केवल बिलासपुर जोन की बड़ी तकनीकी सफलता है, बल्कि भविष्य में रेलवे अवसंरचना परियोजनाओं के लिए भी एक नया मानक स्थापित करेगी।
शहडोल के अमलाई में रेलवे इंजीनियरिंग का ऐतिहासिक कारनामा
मध्य प्रदेश
