गुजरात के मोरबी से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां कैंसर पीड़ित पति के इलाज के लिए उधार लिए गए पैसों के एवज में एक महिला को सालों तक ब्लैकमेल कर उसके साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगा है। आरोपी शैलेश लक्ष्मण मकवाना मोरबी नगर निगम के वार्ड नंबर 8 की बीजेपी पार्षद का पति है। पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है, लेकिन रसूखदार आरोपी घटना के बाद से फरार है।
यह पूरी घटना तब उजागर हुई जब पति के बोन मैरो ट्रांसप्लांट के लिए कराए गए मेडिकल टेस्ट में बेटे का सैंपल पिता से मैच नहीं हुआ। इसके बाद महिला ने हिम्मत जुटाकर परिवार के सामने अपनी आपबीती सुनाई और पुलिस में नामजद शिकायत दर्ज कराई।
2020 में उधार लिए थे एक लाख रुपये
यह मामला साल 2020 में शुरू हुआ था जब महिला के पति को बोन मैरो कैंसर होने का पता चला था। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब थी और इलाज का भारी-भरकम खर्च उठाने में असमर्थ होने के कारण महिला ने महिलाओं के कपड़ों का कारोबार करने वाले शैलेश लक्ष्मण मकवाना से एक लाख रुपये उधार लिए थे।
आरोप है कि जब महिला तय समय पर यह रकम नहीं लौटा पाई, तो शैलेश ने उसकी लाचारी का फायदा उठाना शुरू कर दिया। पैसों की वसूली के बहाने आरोपी ने उसे डराया-धमकाया और ब्लैकमेल करते हुए बार-बार दुष्कर्म किया। लोकलाज और पति की गंभीर बीमारी के डर से पीड़िता यह खौफनाक दर्द चुपचाप सहती रही।
डीएनए टेस्ट से शिकंजा कसने की तैयारी
हाल ही में डॉक्टरों ने पति की जान बचाने के लिए बोन मैरो ट्रांसप्लांट की सलाह दी थी। इसके लिए जब इकलौते बेटे का स्टेम सेल सैंपल लेकर पिता से मिलान कराया गया, तो रिपोर्ट मैच नहीं हुई। परिवार में असमंजस और विवाद बढ़ने पर महिला ने रोते हुए आरोपी शैलेश की दरिंदगी का राज खोल दिया।
इसके बाद पीड़िता ने मोरबी के ए-डिवीजन पुलिस थाने में आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर 9 सितंबर को एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस उपाधीक्षक (DySP) जे. एम. आल ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार कई ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस अदालत से अनुमति लेकर आरोपी और बच्चे का डीएनए टेस्ट कराने की तैयारी कर रही है ताकि वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर कानूनी शिकंजा कसा जा सके।
