शहडोल संभाग में मौसम ने अचानक करवट ली है, जिससे अक्टूबर के महीने में ही ठंड ने दस्तक दे दी है। पिछले 24 घंटे से जारी रुक-रुककर बारिश ने आम जनजीवन को प्रभावित करने के साथ ही अन्नदाताओं की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में इस समय धान की फसल पककर तैयार होने की स्थिति में है, ऐसे में यह बरसात फसलों के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है।
कटाई और मड़ाई के काम पर ब्रेक
लगातार हो रही बारिश के चलते खेतों में पानी भर गया है, जिससे धान की कटाई और मड़ाई का काम अटक गया है। स्थानीय किसानों के मुताबिक, यदि आने वाले दिनों में मौसम साफ नहीं हुआ और धूप नहीं खिली, तो तैयार फसल खेतों में ही सड़ सकती है या दाने काले पड़ सकते हैं। अचानक तापमान में आई गिरावट के बाद लोगों ने गर्म कपड़े भी निकालने शुरू कर दिए हैं।
अखंड प्रताप सिंह ने कहा- "धान की फसल कटने के बिल्कुल तैयार है, लेकिन इस बेमौसम बारिश ने सारी मेहनत पर पानी फेरने की स्थिति पैदा कर दी है।"
चक्रवात के असर की चर्चा, आधिकारिक पुष्टि नहीं
बंगाल की खाड़ी में बने एक चक्रवाती सिस्टम को लेकर इलाके में यह चर्चा है कि मौसम में आया यह बदलाव उसी का नतीजा हो सकता है। हालांकि, मौसम विभाग या स्थानीय प्रशासन की ओर से इसे लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है कि इस बारिश का सीधा संबंध किसी चक्रवात से है। फिलहाल कृषि विभाग की टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
