भारत में ताइवान के प्रतिनिधि मुमिन चेन ने रणवीर सिंह अभिनीत फिल्म 'धुरंधर' को पिछले साल देखी गई भारतीय फिल्मों में सबसे प्रभावशाली बताया है। दिल्ली में आयोजित ताइवान फिल्म फेस्टिवल के दौरान उन्होंने भारतीय सिनेमा के काम और कलाकारों की खुलकर सराहना की। चेन ने अभिनेता आमिर खान और शाहरुख खान के योगदान का भी जिक्र किया।
यह फेस्टिवल भारत और ताइवान के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। दिल्ली में 24 और 25 अक्टूबर को हुए आयोजन के बाद, इस फिल्म फेस्टिवल का अगला चरण 31 अक्टूबर को मुंबई में आयोजित किया जाएगा।
राजनीतिक पृष्ठभूमि और सिनेमा पर नजर
राजनीतिक विज्ञान के प्रोफेसर रह चुके मुमिन चेन वर्तमान में नई दिल्ली स्थित ताइपे आर्थिक और सांस्कृतिक केंद्र (TECC) के प्रमुख के रूप में कार्य करते हैं। भारत और ताइवान के बीच पूर्ण राजनयिक संबंध न होने के कारण यह केंद्र वास्तविक दूतावास के तौर पर काम करता है।
चेन ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि राजनीतिक पृष्ठभूमि से जुड़े होने के कारण वह भारतीय राजनीतिक विषयों पर बनी फिल्मों पर खास नजर रखते हैं। इसी कड़ी में उन्होंने रणवीर सिंह की 'धुरंधर' को अपने अनुभव में सबसे अनूठा बताया।
आमिर और शाहरुख के काम की सराहना
भारतीय सिनेमा के दिग्गजों पर बात करते हुए चेन ने आमिर खान के सिनेमाई सफर को याद किया। उन्होंने कहा कि वह आमिर की फिल्में तब से देख रहे हैं जब अभिनेता युवा थे।
चेन ने कहा- "अब वह अभिनय कम करते हैं, लेकिन एक निर्माता के रूप में भारतीय समाज के गंभीर और प्रासंगिक मुद्दों पर बेहतरीन फिल्में बना रहे हैं।" इसके अलावा उन्होंने शाहरुख खान और अमिताभ बच्चन के अभिनय को भी अपने पसंदीदा कलाकारों की सूची में रखा।
ताइवान में कैसी है भारतीय फिल्मों की पहुंच?
ताइवान के दर्शकों के बीच भारतीय फिल्मों की अच्छी खासी लोकप्रियता है। वहां सिनेमाघरों में प्रदर्शित होने वाली भारतीय फिल्मों को मुख्य रूप से चीनी भाषा के सबटाइटल्स के साथ दिखाया जाता है।
बॉक्स ऑफिस आंकड़ों के लिहाज से आमिर खान की फिल्म 'दंगल' ताइवान में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली भारतीय फिल्म है। इस फिल्म ने वहां लगभग 16.7 करोड़ ताइवानी डॉलर (भारतीय मुद्रा में करीब 41 करोड़ रुपए) का कारोबार किया था।
फिल्म फेस्टिवल में संस्कृति और तकनीक का मेल
इस फेस्टिवल के माध्यम से दोनों क्षेत्रों की संस्कृति और सिनेमाई तकनीकों को एक मंच पर लाने का प्रयास किया जा रहा है। इस बार के शेड्यूल में खेल, तकनीक और संस्कृति पर आधारित चुनिंदा फिल्मों को जगह दी गई है।
कार्यक्रम में बेसबॉल पर बनी एक विशेष फिल्म भी शामिल है, जिसके जरिए ताइवान में खेलों के प्रति क्रेज को दिखाया गया है। इसके अलावा, ताइवानी संस्कृति और रामायण की थीम पर आधारित एक डांस फ्यूजन ड्रामा भी इस फेस्टिवल का मुख्य आकर्षण है। आयोजकों का मानना है कि इस तरह के आयोजनों से दोनों देशों के बीच कला और फिल्म निर्माण के क्षेत्र में सहयोग और गहरा होगा।
