अमेरिका के मिडटर्म चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी को मिली हार के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के फैसलों पर उनकी अपनी ही पार्टी के भीतर सवाल उठने लगे हैं। चुनाव परिणामों में डेमोक्रेटिक पार्टी ने बहुमत हासिल कर लिया है, जिसके बाद ट्रम्प की नीतियों और रणनीतियों को लेकर पार्टी के भीतर असंतोष खुलकर सामने आ गया है।
टेक्सास के पूर्व रिपब्लिकन कार्यकारी निदेशक चैड विलबैंक्स ने ईरान के साथ संघर्ष, टैरिफ से जुड़े फैसले और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के पक्ष में लिए गए निर्णयों को इस पराजय की मुख्य वजह बताया है। पार्टी के भीतर से उठ रही इन आवाजों ने अमेरिकी राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है।
रक्षा मंत्री पर ईरान संघर्ष में उलझाने का आरोप
सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रम्प के कई करीबी रिपब्लिकन नेताओं ने रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को इस चुनावी नुकसान के लिए जिम्मेदार ठहराया है। इन नेताओं का दावा है कि हेगसेथ ने राष्ट्रपति को ईरान के साथ सैन्य संघर्ष में तो उलझा दिया, लेकिन इस युद्ध से बाहर निकलने की कोई स्पष्ट रणनीति तैयार नहीं की थी।
इस बीच, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी स्वीकार किया है कि ईरान के साथ चले संघर्ष के कारण ट्रम्प के कई पारंपरिक समर्थकों ने इस बार रिपब्लिकन पार्टी से दूरी बना ली। वेंस के मुताबिक, पिछले राष्ट्रपति चुनाव में ट्रम्प को समर्थन देने वाले कई मतदाता इस बार पार्टी के पक्ष में मतदान करने से पीछे हट गए।
सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के चुनावी आंकड़े
अमेरिकी संसद के निचले सदन 'हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स' में कुल 435 सीटों पर हुए चुनावों के नतीजे डेमोक्रेट्स के पक्ष में गए हैं। विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी ने 242 सीटें जीत ली हैं, जबकि ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी 151 सीटों पर सिमट गई है। फिलहाल 42 सीटों पर मतगणना जारी है, लेकिन डेमोक्रेट्स को आवश्यक बहुमत मिल चुका है।
दूसरी ओर, सीनेट की 100 सीटों में से इस बार 35 सीटों पर मतदान हुआ था, जिनमें से 33 सीटों के परिणाम आ चुके हैं। डेमोक्रेटिक पार्टी ने इनमें से 20 और रिपब्लिकन ने 13 सीटें अपने नाम की हैं। इन परिणामों के साथ सीनेट में डेमोक्रेट्स के पास कुल 54 और रिपब्लिकन के पास 44 सीटें हो गई हैं, जबकि 2 सीटों पर गिनती अभी बाकी है। इसके अलावा 36 गवर्नर पदों में से 34 राज्यों के नतीजे आ चुके हैं, जिनमें 22 पर डेमोक्रेट्स और 12 पर रिपब्लिकन उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है।
ट्रम्प ने किया फैसलों का बचाव
आलोचनाओं का सामना कर रहे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने स्वीकार किया है कि ईरान के साथ जंग के चलते मिडटर्म चुनावों में उनकी पार्टी को नुकसान उठाना पड़ा है। हालांकि, उन्होंने अपने फैसलों का बचाव करते हुए कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए यह कदम उठाना अनिवार्य था।
बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में ट्रम्प ने कहा कि इस संघर्ष की वजह से भले ही कुछ समय के लिए पेट्रोल की कीमतें बढ़ गई हों, लेकिन यदि उन्हें दोबारा निर्णय लेने का मौका मिले तो वह फिर से यही कदम उठाएंगे।
पार्टी नेताओं के अलग-अलग तर्क
चुनाव में पार्टी की हार को लेकर रिपब्लिकन नेताओं के अपने-अपने विश्लेषण सामने आए हैं। टेक्सास के रिपब्लिकन नेता डॉन हफाइन्स ने पार्टी नेतृत्व और टेक्सास के गवर्नर ग्रेग एबॉट की कार्यप्रणाली को पराजय का कारण बताया। वहीं, सांसद चिप रॉय ने चुनाव प्रचार के दौरान विवादित उम्मीदवारों को उतारे जाने और धन के प्रबंधन पर सवाल उठाए। इसके अलावा राजनीतिक रणनीतिकार मैट मैकोविएक ने पार्टी की चुनावी रणनीति को कमजोर बताते हुए कहा कि संगठन ने सिर्फ एक सीमित वोटर वर्ग पर ही जरूरत से ज्यादा ध्यान केंद्रित किया, जिससे व्यापक जनसमर्थन नहीं मिल सका।
