दिल्ली के मशहूर शहर दरियागंज-चांदनी चौक में सूटकेस और नकदी से चलने वाला हवाला इस समय डिजिटल हो चुका है। यहां बैठे ऑपरेटर क्रिप्टो करेंसी के जरिए हवाला चला रहे हैं। दिल्ली के दरियागंज और चांदनी चौक से शुरू हुई हमारी पड़ताल अब पूर्वी दिल्ली के गाजीपुर पेपर मार्केट तक पहुंची। यहां हमारी मुलाकात हुई हर्ष सिंघल नाम के एक ऐसे शख्स से, जिस पर डिजिटल हवाला नेटवर्क से जुड़े होने का दावा किया गया।
जांच के दौरान सामने आया कि पारंपरिक हवाला का तरीका अब तेजी से बदल रहा है। नकदी और सूटकेस की जगह अब क्रिप्टोकरेंसी, खासकर USDT, का इस्तेमाल किया जा रहा है। नेटवर्क से जुड़े लोगों का दावा है कि भारत से विदेश और विदेश से भारत तक धन का ट्रांसफर मिनटों में किया जा सकता है।
बातचीत में यह भी दावा किया गया कि दुबई, थाईलैंड, कंबोडिया, हांगकांग, अमेरिका, कनाडा और जर्मनी जैसे देशों में भुगतान की व्यवस्था उपलब्ध है। ऑपरेटरों के अनुसार, नकद को क्रिप्टो और क्रिप्टो को नकद में बदलने की पूरी प्रक्रिया उनके नेटवर्क के जरिए संचालित की जाती है।
इस कथित नेटवर्क में क्रिप्टो एक्सचेंज प्लेटफॉर्म, डिजिटल वॉलेट और अंतरराष्ट्रीय संपर्कों के इस्तेमाल की बात भी सामने आई। हालांकि इन दावों की पुष्टि नहीं हो सकी है।
अब सवाल यह है कि क्या डिजिटल तकनीक और क्रिप्टोकरेंसी के बढ़ते इस्तेमाल ने हवाला कारोबार को नया रूप दे दिया है ,और क्या जांच एजेंसियां इस तरह के नेटवर्क पर प्रभावी निगरानी रख पा रही हैं , यह ऐसा मुद्दा है जिस पर आने वाले दिनों में और खुलासे संभव हैं।