Wednesday, 23 September 2026
अभी का दौर

भाजपा शानदार प्रबंधन ने दिलवाई निकाय चुनावो में जबरदस्त जीत

संक्षेप में

भाजपा का राजस्थान निकाय चुनावो में बेहतर मैनेजमेंट फंडा रहा जीता का आधार

राज्य समाचार
भाजपा शानदार प्रबंधन ने दिलवाई निकाय चुनावो में जबरदस्त जीत

कुल निकाय 302 -भाजपा 200, कॉग्रेस 94, अन्य 8

 हाल ही में राजस्थान में हुये निकाय चुनावो में जो रोचक परिणाम भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में आये, लेकिन ये परिणाम यु ही नही आये इसके लिये भाजपा की ओर से लगातार किये जा रहे बेहतर प्रयास और जीतोड़ मेहनत का ही नतीजा है की भारतीय जनता पार्टी को जनता का इतना बेहतरिन समर्थन मिला...  निकाय चुनाव में भाजपा की रणनीति सिर्फ प्रचार और प्रत्याशी चयन तक सीमित नहीं रही। इस जीत के कई मायने है ...तकरिबन 50 दिन तक राजस्थान प्रदेश से लेकर बूथ स्तर तक नेताओं की एक टीम लगातार चुनावी मैनेजमेंट में जुटी रही। केंद्रीय नेतृत्व की सक्रियता ने इस मैनेजमेंट को और तेज किया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से लेकर प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़, संगठन महामंत्री अजेय कुमार और निकाय चुनाव प्रभारी व राष्ट्रीय महामंत्री हरीश द्विवेदी ने अलग-अलग स्तर पर कमान संभाली। अजमेर नगर निगम में कांग्रेस के पास भाजपा से ज्यादा पार्षद थे, लेकिन वित्त आयोग के अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी जैसे वरिष्ठ नेता ने बाजी ही पलट दी और भाजपा का मेयर बना दिया। वहीं भरतपुर संभाग में निर्दलीयों को एकजुट कर पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी ने भाजपा के बोर्ड बनवा दिया। पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने उदयपुर संभाग के साथ ही चूरू जिले में भी भाजपा का बोर्ड बनाने की रणनीति बनाई।

मेयर चेयरमैन के लिए अलग मैनेजमेंट रहा शानदार 

पार्षद चुनाव के साथ मेयर और चेयरमैन पदों के समीकरण पर भी नजर रखी गई। जिन निकायों में बहुमत की स्थिति बनी, वहां बोर्ड गठन की रणनीति पहले से तैयार रखी गई। पार्टी ने मेयर व चेयरमेन पद के फैसले के लिए स्थानीय चर्चा से लेकर प्रभारी, संभाग और प्रदेश स्तर तक विचार-विमर्श की प्रक्रिया बताई है।भाजपा ने 86 निकायों में स्पष्ट बहुमत के साथ अपने दम पर बोर्ड बनाने की स्थिति में थी, लेकिन भाजपा ने 200 निकायों में बोर्ड बनाने का लक्ष्य रखा है। 302 निकायों में से भाजपा ने 200, कांग्रेस ने 94 और अन्यों ने 8 जगह बोर्ड बनाए हैं।

दिग्गजो ने संभाला था संभागवार अपना अपना मोर्चा

चुनावी समर को दौरान अगर दिग्गजो की बात की जाये तो सभी प्रमुख नेताओ ने संभागवार अपना अपना मोर्चा संभाल रका था जिसमें मुख्य रूप से जयपुर संभाग से पूर्व मंत्री प्रभुलाल सैनी, शंकर सिंह राजपुरोहित ने कमान संभाली वही उदयपुर संभाग से पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़, पूर्व सांसद जसकौर और नारायण पंचारिया डटे रहे,कोटा संभाग में सांसद व पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी, अर्जुनलाल मीणा व अजित मेहताने पुरी चुनावी कमान संभाली,बीकानेर संभाग में पूर्व सांसद राजेंद्र गहलोत, बाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश दाधीच, जसवंत सिंह विश्नोई, और ज्योति मिर्धा ने चुनावी रण संभाला,भरतपुर संभाग में पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी, सांसद अल्का सिंह गुर्जर, किसान मोर्चा के पूर्व अध्यक्ष हरिराम रणवा ने भाजपा को विजय दिलवायी वही अजमेर संभाग एकबारगी तो हाथ से जाता दिख रहा था लेकिन वित्त आयोग के अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी, पूर्व सांसद देवजी पटेल, पूर्व मंत्री लालचंद कटारिया के करिशमाई नेतृत्व ने अजमेर भी भाजपा के खाते में डाल दिया वही जोधपुर संभाग में ओंकार सिंह लखावत, पूर्व विधायक हेमराज मीणा लगातार डटे रहे