Wednesday, 28 October 2026
अभी का दौर

अनंत चतुर्दशी 2026: गणेश विसर्जन की तिथियां, शुभ मुहूर्त और विशेष योग

संक्षेप में

वर्ष 2026 में अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर, शुक्रवार को है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और गणेश विसर्जन किया जाएगा। विसर्जन के लिए सुबह 6:11 से 10:42 बजे तक और दोपहर-शाम के कई शुभ मुहूर्त उपलब्ध रहेंगे।

मुख्य बातें

  • अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर 2026 को मनाई जाएगी।
  • चतुर्दशी तिथि 24 सितंबर की रात 11:18 बजे से 25 सितंबर की रात 11:06 बजे तक है।
  • विसर्जन के दिन सुबह 6:11 से 11:22 बजे तक रवि योग रहेगा।
  • सुबह 6:11 से 10:42 बजे तक का समय विसर्जन के लिए प्रमुख रूप से शुभ है।
धर्म
अनंत चतुर्दशी 2026: गणेश विसर्जन की तिथियां, शुभ मुहूर्त और विशेष योग

देशभर में उत्साह के साथ मनाए जाने वाले गणेशोत्सव का समापन अनंत चतुर्दशी के दिन होता है। इस साल भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी तिथि 25 सितंबर 2026, शुक्रवार को पड़ रही है। पंचांग के मुताबिक, चतुर्दशी तिथि 24 सितंबर की रात 11 बजकर 18 मिनट से शुरू होकर 25 सितंबर की रात 11 बजकर 06 मिनट तक रहेगी। उदयातिथि के आधार पर यह पर्व 25 सितंबर को मनाया जाएगा और इसी दिन बप्पा को विदाई दी जाएगी।

पूजा का शुभ समय और रवि योग का संयोग

अनंत चतुर्दशी के दिन भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की पूजा का विधान है। इस दिन पूजा के लिए सुबह 6:11 बजे से रात 11:06 बजे तक का समय रहेगा, जिससे श्रद्धालुओं को करीब 16 घंटे 55 मिनट की लंबी शुभ अवधि मिलेगी।

ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इस दिन विशेष रवि योग का निर्माण भी हो रहा है। रवि योग सुबह 6:11 बजे से 11:22 बजे तक रहेगा। इसके साथ ही शतभिषा नक्षत्र सुबह 11:22 बजे तक प्रभावी रहेगा, जिसके बाद पूर्व भाद्रपद नक्षत्र आरंभ हो जाएगा। वहीं, शूल योग सुबह से दोपहर 2:51 बजे तक रहेगा और इसके बाद गण्ड योग की शुरुआत होगी।

गणेश विसर्जन के शुभ मुहूर्त

गणपति बप्पा की विदाई के लिए 25 सितंबर 2026 को कई शुभ मुहूर्त तय किए गए हैं। भक्त अपनी सुविधा के अनुसार इन समय में विसर्जन कर सकते हैं:

  • प्रातःकाल मुहूर्त: सुबह 6:11 से 10:42 बजे तक
  • दोपहर का मुहूर्त (शुभ चौघड़िया): दोपहर 12:13 से 1:43 बजे तक
  • सायंकाल मुहूर्त (चर चौघड़िया): शाम 4:44 से 6:14 बजे तक
  • रात्रि मुहूर्त: रात 9:14 से 10:43 बजे तक
  • देर रात्रि मुहूर्त: रात 12:13 से 26 सितंबर की सुबह 4:42 बजे तक

गणेशोत्सव और विसर्जन की परंपरा

गणेश चतुर्थी के दिन यानी 14 सितंबर को घरों और सार्वजनिक पंडालों में भगवान गणेश की स्थापना की गई थी। परंपरा के अनुसार, भक्त अपनी मन्नत और सुविधा के मुताबिक डेढ़ दिन, तीन दिन, पांच दिन या सात दिन बाद भी गणपति का विसर्जन करते हैं। हालांकि, अधिकांश बड़े पंडालों और घरों में अनंत चतुर्दशी के दिन ही बप्पा को श्रद्धा और नम आंखों से विदा किया जाता है। विसर्जन के दौरान भक्त अगले वर्ष फिर से लौटने की कामना करते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

अनंत चतुर्दशी 2026 कब है?

अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर 2026, शुक्रवार को मनाई जाएगी। पंचांग के अनुसार चतुर्दशी तिथि 24 सितंबर की रात 11:18 बजे से शुरू होकर 25 सितंबर की रात 11:06 बजे समाप्त होगी।

गणेश विसर्जन 2026 के लिए सबसे अच्छा समय क्या है?

गणेश विसर्जन के लिए 25 सितंबर को सुबह 6:11 से 10:42 बजे तक, दोपहर 12:13 से 1:43 बजे तक और शाम 4:44 से 6:14 बजे तक के मुहूर्त सबसे उत्तम हैं।

अनंत चतुर्दशी पर कौन सा विशेष योग बन रहा है?

वर्ष 2026 की अनंत चतुर्दशी पर सुबह 6:11 से 11:22 बजे तक रवि योग का निर्माण हो रहा है, जिसे ज्योतिष शास्त्र में बेहद शुभ माना गया है।

अनंत चतुर्दशी पर किसकी पूजा की जाती है?

इस दिन भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की पूजा करने की प्राचीन परंपरा है, साथ ही विघ्नहर्ता गणेश की प्रतिमा का विसर्जन किया जाता है।