Wednesday, 30 September 2026
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बड़वानी में स्वर संगम गरबा महोत्सव का 43वां आयोजन: गुजराती गरबों के साथ घूमर, गणगौर और तांडव की तैयारी शुरू

संक्षेप में

बड़वानी के प्रसिद्ध स्वर संगम गरबा महोत्सव के 43वें वर्ष के आयोजन की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस नौ दिवसीय महोत्सव में गुजराती गरबों के साथ राजस्थानी घूमर, गणगौर, राधा-कृष्ण रास और भगवान शंकर का तांडव नृत्य मुख्य आकर्षण होंगे।

मुख्य बातें

  • स्वर संगम गरबा महोत्सव का यह 43वां वर्ष है।
  • प्रशिक्षण कोरियोग्राफर जया जोशी और सागर कोठाना के निर्देशन में चल रहा है।
  • मुख्य आकर्षणों में राजस्थानी घूमर, गणगौर और तांडव नृत्य शामिल हैं।
  • प्रतिदिन रात 9:30 बजे आरती का आयोजन होगा।
मध्य प्रदेश
बड़वानी में स्वर संगम गरबा महोत्सव का 43वां आयोजन: गुजराती गरबों के साथ घूमर, गणगौर और तांडव की तैयारी शुरू

बड़वानी में नवरात्रि पर्व को लेकर सांस्कृतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। शहर के प्रसिद्ध स्वर संगम गरबा महोत्सव के 43वें वर्ष के आयोजन की रूपरेखा तय होने के बाद अब बच्चों और प्रतिभागियों की नियमित रिहर्सल शुरू हो गई है। चार दशक से अधिक समय से आयोजित हो रहे इस महोत्सव में इस बार गुजराती गरबों के साथ राजस्थानी और भारतीय लोक परंपराओं की अनूठी झलक देखने को मिलेगी।

पारंपरिक और धार्मिक नृत्यों का संगम

नौ दिवसीय इस महोत्सव के दौरान पारंपरिक गुजराती गरबा शैली के साथ कई विशेष प्रस्तुतियां मंच पर आकर्षण का केंद्र रहेंगी। आयोजकों के मुताबिक, इस वर्ष राजस्थानी घूमर, गणगौर नृत्य, राधा-कृष्ण का भव्य रास और भगवान शंकर के तांडव नृत्य की विशेष तैयारियां चल रही हैं। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से नई पीढ़ी को भारतीय सांस्कृतिक विरासत और लोक कलाओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। महोत्सव के दौरान प्रतिदिन रात 9:30 बजे विशेष अतिथियों की उपस्थिति में आरती की जाएगी, जिसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सिलसिला शुरू होगा।

कोरियोग्राफर जया जोशी और सागर कोठाना के निर्देशन में रिहर्सल

महोत्सव के लिए शहर के चर्चित डांस कोरियोग्राफर जया जोशी और सागर कोठाना के निर्देशन में प्रतिभागियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उनके साथ नितेश सोनी भी रिहर्सल में सहयोग कर रहे हैं।

कोरियोग्राफर्स द्वारा प्रतिभागियों की उम्र और प्रस्तुति के अनुसार नृत्य के चरण तय किए जा रहे हैं, जिसमें समूह समन्वय, अनुशासन और भाव-भंगिमाओं पर विशेष जोर दिया जा रहा है। नियमित अभ्यास सत्रों में बच्चों और युवाओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है।

चार दशक से जारी सांस्कृतिक परंपरा

मंडल के निदेशक अनिल जोशी ने संस्था की 42 वर्षों की लंबी यात्रा का जिक्र करते हुए बताया कि स्वर संगम परिवार केवल गरबा आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिए बच्चों में पारंपरिक कलाओं के प्रति रुचि जगाई जाती है।

मंडल अध्यक्ष जितेंद्र जैन ने तैयारियों में जुटे सदस्यों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया है। नवरात्रि के नौ दिनों तक चलने वाले इस आयोजन को सफल बनाने के लिए समिति के सभी पदाधिकारी और प्रतिभागी अंतिम चरण की तैयारियों में जुटे हुए हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

बड़वानी में स्वर संगम गरबा महोत्सव का कौन सा संस्करण आयोजित हो रहा है?

बड़वानी में स्वर संगम गरबा महोत्सव का यह 43वां वर्ष है, जो पिछले चार दशक से अधिक समय से लगातार आयोजित किया जा रहा है।

इस वर्ष गरबा महोत्सव के मुख्य आकर्षण क्या हैं?

इस वर्ष गुजराती गरबों के अलावा राजस्थानी घूमर, गणगौर नृत्य, राधा-कृष्ण का रास और भगवान शंकर का तांडव नृत्य मुख्य आकर्षण रहेंगे।

प्रतिभागियों को नृत्य का प्रशिक्षण कौन दे रहा है?

प्रतिभागियों को कोरियोग्राफर जया जोशी और सागर कोठाना के निर्देशन में प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिसमें नितेश सोनी भी सहयोग कर रहे हैं।

महोत्सव के दौरान प्रतिदिन आरती का समय क्या रहेगा?

नौ दिवसीय महोत्सव के दौरान प्रतिदिन रात 9:30 बजे विशेष अतिथियों द्वारा आरती की जाएगी।