Tuesday, 22 September 2026
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बीकानेर महापौर चुनाव से पहले कांग्रेस पार्षद मकसूद अहमद को हाईकोर्ट से राहत, गिरफ्तारी पर रोक

संक्षेप में

बीकानेर नगर निगम के महापौर चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस पार्षद मकसूद अहमद को राजस्थान हाईकोर्ट से रविवार रात विशेष सुनवाई के दौरान अंतरिम राहत मिल गई है, जिससे उनकी गिरफ्तारी पर रोक लग गई है और वे मतदान में हिस्सा ले सकेंगे।

मुख्य बातें

  • राजस्थान हाईकोर्ट ने रविवार रात करीब 10 बजे विशेष सुनवाई की.
  • जस्टिस सुनील बेनीवाल की पीठ ने मकसूद अहमद की गिरफ्तारी पर रोक लगाई.
  • बीकानेर समेत राज्य के 273 नगर निकायों में अध्यक्ष पद के लिए चुनाव होने हैं.
  • बीकानेर में कांग्रेस के पास 42 और भाजपा के पास 27 पार्षद हैं।
बीकानेर संभाग
बीकानेर महापौर चुनाव से पहले कांग्रेस पार्षद मकसूद अहमद को हाईकोर्ट से राहत, गिरफ्तारी पर रोक

राजस्थान हाईकोर्ट से बीकानेर नगर निगम के महापौर चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस पार्षद और पूर्व यूआईटी अध्यक्ष मकसूद अहमद को बड़ी राहत मिली है। अदालत ने रविवार को अवकाश के दिन विशेष सुनवाई करते हुए उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। वार्ड 18 से निर्वाचित मकसूद अहमद ने पुराने मामले में पुलिस नोटिस और मतदान से रोके जाने की आशंका को लेकर कोर्ट का रुख किया था।

रविवार रात 10 बजे हुई विशेष सुनवाई

मामले की तात्कालिकता को देखते हुए मुख्य न्यायाधीश के निर्देश पर रविवार रात करीब 10 बजे जस्टिस सुनील बेनीवाल की पीठ ने विशेष सुनवाई की। करीब आधे घंटे चली इस सुनवाई में वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. सचिन आचार्य ने याचिकाकर्ता का पक्ष रखा।

याचिका में बताया गया कि कोटगेट थाना पुलिस की ओर से जारी पुराने नोटिस के चलते उन्हें सोमवार को होने वाले महापौर चुनाव में मतदान से वंचित किए जाने का खतरा था। इसी तत्काल स्थिति को आधार बनाते हुए अदालत से न्यायिक सुरक्षा की मांग की गई थी, जिसके बाद कोर्ट ने यह अंतरिम राहत दी है।

प्रदेश के अन्य निकायों में भी राहत का दौर

बीकानेर के अलावा प्रदेश के अन्य नगर निकायों में होने वाले चुनावों से जुड़े मामलों पर भी राजस्थान हाईकोर्ट ने रविवार को सुनवाई की। हनुमानगढ़ के नौ पार्षदों की याचिकाओं पर भी विशेष पीठ ने विचार किया।

कुचेरा नगरपालिका के पूर्व अध्यक्ष और निर्वाचित पार्षद तेजपाल मिर्धा को भी एसीबी के एक मामले में हाईकोर्ट से अंतरिम राहत मिली है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। वहीं, श्रीविजयनगर नगरपालिका के अध्यक्ष पद के प्रत्याशी सुशील मीढा उर्फ बिट्टू मीढा से जुड़े मामले में भी इसी तरह की राहत दिए जाने की जानकारी सामने आई है।

273 निकायों में अध्यक्ष पद के लिए आज मतदान

राज्य के बीकानेर, पाली, अजमेर, उदयपुर और अलवर समेत 273 नगर निकायों में अध्यक्ष और महापौर पद के लिए सोमवार को मतदान होना है। बीकानेर नगर निगम के चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज है।

आंकड़ों के मुताबिक बीकानेर में भाजपा के पास 27 और कांग्रेस के पास 42 पार्षद हैं। इसके अलावा पाली में भाजपा के 21 और कांग्रेस के 29 तथा अजमेर में भाजपा के 32 और कांग्रेस के 37 पार्षद हैं। हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद अब बीकानेर समेत अन्य निकायों में होने वाली मतदान प्रक्रिया पर सभी की निगाहें टिकी हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

मकसूद अहमद को हाईकोर्ट से क्या राहत मिली है?

राजस्थान हाईकोर्ट ने रविवार को विशेष सुनवाई करते हुए बीकानेर नगर निगम के पार्षद मकसूद अहमद की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।

यह सुनवाई रविवार को क्यों करनी पड़ी?

सोमवार को होने वाले महापौर चुनाव से ठीक पहले पुलिस नोटिस मिलने के कारण मतदान से रोके जाने की आशंका थी, इसलिए अवकाश के दिन रात 10 बजे विशेष सुनवाई हुई।

राजस्थान में निकाय चुनाव कब और कहाँ हो रहे हैं?

राजस्थान में बीकानेर, पाली, अजमेर, उदयपुर और अलवर समेत कुल 273 नगर निकायों में अध्यक्ष पद के लिए 21 सितंबर को मतदान हो रहा है।

बीकानेर नगर निगम में पार्षदों की दलीय स्थिति क्या है?

बीकानेर में भाजपा के 27 और कांग्रेस के 42 निर्वाचित पार्षद हैं, जिसके चलते महापौर चुनाव को लेकर मुकाबला महत्वपूर्ण बना हुआ है।