Thursday, 29 October 2026
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छिंदवाड़ा में अचानक बारिश से किसानों को राहत: चना-सरसों और मसूर की फसलों को मिलेगा जीवनदान

संक्षेप में

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में अचानक हुई बारिश से चना, सरसों और मसूर जैसी दलहनी-तिलहनी फसलों को बड़ा जीवनदान मिला है। पानी की कमी से जिन खेतों में अंकुरण रुक गया था, वहां नमी बढ़ने से फसलों के बेहतर तरीके से उगने की उम्मीद बंध गई है।

मुख्य बातें

  • छिंदवाड़ा में अचानक हुई बारिश से चना, सरसों और मसूर की फसलों को फायदा मिला है।
  • पानी की कमी के चलते किसानों ने इस साल गेहूं की जगह दलहनी और तिलहनी फसलों की बुवाई बढ़ाई थी।
  • कई खेतों में पानी की कमी से अंकुरण केवल 30 प्रतिशत तक ही हो पाया था।
  • किसान संदीप चौधरी ने बारिश को किसानों के लिए भगवान का आशीर्वाद बताया है।
मध्य प्रदेश
छिंदवाड़ा में अचानक बारिश से किसानों को राहत: चना-सरसों और मसूर की फसलों को मिलेगा जीवनदान

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में बेमौसम हुई अचानक बारिश से किसानों के चेहरों पर रौनक लौट आई है। पानी की किल्लत और सूखे जैसे हालात के बीच हुई इस मानसूनी फुहार को किसानों ने राहत की सौगात बताया है। इससे उन खेतों में बोई गई फसलों को नया जीवन मिलने की उम्मीद है, जहां सिंचाई के साधन न होने के कारण अंकुरण रुक गया था।

दलहनी और तिलहनी फसलों को सबसे ज्यादा फायदा

इस सीजन में पानी की कमी को भांपते हुए जिले के किसानों ने पारंपरिक गेहूं की खेती से दूरी बनाई। इसके बजाय उन्होंने चना, सरसों, राई और मसूर जैसी दलहनी और तिलहनी फसलों की बुवाई पर जोर दिया। हालांकि, पर्याप्त पानी न मिलने के कारण कई खेतों में बीज जमीन के भीतर ही अटके हुए थे और अंकुरण की रफ्तार महज 30 प्रतिशत तक सिमट कर रह गई थी। अब अचानक हुई इस बारिश से खेतों की मिट्टी में गहरी नमी पहुंच गई है, जिससे अटके हुए बीजों के तेजी से उगने का रास्ता साफ हो गया है।

'भगवान के आशीर्वाद जैसी है यह बारिश'

फसलों की मौजूदा स्थिति पर बात करते हुए स्थानीय किसान संदीप चौधरी ने इस बेमौसम बारिश को किसी वरदान से कम नहीं बताया।

संदीप चौधरी ने कहा- "पानी की तंगी के चलते खेतों में फसल का अंकुरण बुरी तरह प्रभावित हो रहा था। कई जगहों पर सिर्फ तीस फीसदी तक की ही पैदावार उभर पाई थी। इस मानसूनी बारिश से जमीन को पर्याप्त नमी मिल गई है, जिससे बाकी बचे बीजों को भी अंकुरित होने में मदद मिलेगी।"

उन्होंने आगे कहा कि यह बारिश अन्नदाताओं के लिए भगवान के आशीर्वाद जैसी है, जिससे फसलें लहलहा उठेंगी और बेहतर पैदावार की उम्मीद फिर से जाग गई है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

छिंदवाड़ा में अचानक हुई बारिश से किन फसलों को फायदा हुआ है?

अचानक हुई बारिश से चना, सरसों, राई और मसूर जैसी दलहनी और तिलहनी फसलों को सबसे अधिक फायदा पहुंचा है।

किसानों ने इस बार गेहूं की जगह किन फसलों की बुवाई क्यों की?

पानी की कमी के चलते किसानों ने इस वर्ष गेहूं की बुवाई कम करते हुए कम पानी की आवश्यकता वाली दलहनी और तिलहनी फसलों पर अधिक ध्यान दिया है।

बारिश से पहले फसलों का अंकुरण कितना प्रभावित हुआ था?

पानी की कमी के कारण कई खेतों में फसल का अंकुरण ठीक से नहीं हो पा रहा था और केवल 30 प्रतिशत तक ही फसल उग पाई थी।

किसान संदीप चौधरी ने इस बारिश को क्या बताया है?

किसान संदीप चौधरी ने इस अचानक हुई बारिश को किसानों के लिए भगवान के आशीर्वाद जैसा बताया है, जिससे फसलों को नया जीवन मिलने की उम्मीद है।