Tuesday, 3 November 2026
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चक्रवाती तूफान 'मुरासु' का आंध्र प्रदेश तट पर तांडव: 120 किमी/घंटे की रफ्तार से चली हवाएं, 30 उड़ानें रद्द और ट्रेनें डायवर्ट

संक्षेप में

चक्रवाती तूफान 'मुरासु' 120 किमी/घंटे की रफ्तार से सोमवार रात आंध्र प्रदेश के ओंगोल के पास तट से टकराया। तूफान के कारण विजयवाड़ा समेत कई जिलों में भारी बारिश हुई, 30 उड़ानें रद्द हुईं, कई ट्रेनें डायवर्ट की गईं और ओडिशा से 1.6 लाख लोगों को सुरक्षित निकाला गया।

मुख्य बातें

  • चक्रवात मुरासु सोमवार रात करीब 1 बजे आंध्र प्रदेश के तट से टकराया।
  • तूफान के दौरान हवाओं की रफ्तार 120 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई।
  • आंध्र प्रदेश और चेन्नई से कुल 30 उड़ानें रद्द की गईं।
  • पांच राज्यों में NDRF की 37 टीमें तैनात हैं, जिनमें 13 आंध्र प्रदेश में हैं।
  • ओडिशा के पांच जिलों से 1.6 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
देश विदेश
चक्रवाती तूफान 'मुरासु' का आंध्र प्रदेश तट पर तांडव: 120 किमी/घंटे की रफ्तार से चली हवाएं, 30 उड़ानें रद्द और ट्रेनें डायवर्ट

चक्रवाती तूफान 'मुरासु' सोमवार देर रात आंध्र प्रदेश के तट से टकरा गया। मौसम विभाग के मुताबिक, रात करीब 1 बजे तटीय इलाकों में इसका असर शुरू हुआ और सुबह 3:30 से 5:30 बजे के बीच इसने ओंगोल के पास मुख्य तट को पार किया। इस दौरान हवाओं की रफ्तार 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक दर्ज की गई, जिससे तटीय जिलों में भारी तबाही हुई है।

विजयवाड़ा समेत कई इलाकों में मूसलाधार बारिश के बाद जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। तेज हवाओं के झोंकों से हजारों पेड़ उखड़ गए हैं और सैकड़ों बिजली के खंभे टूट गए हैं। सड़कों पर जलभराव होने से ट्रैफिक थम गया है, जबकि कई वाहन हाईवे पर ही फंस गए हैं।

विमान और रेल सेवाएं प्रभावित

खराब मौसम और तेज हवाओं के चलते परिवहन सेवाओं पर भारी असर पड़ा है। आंध्र प्रदेश के तीन एयरपोर्ट से कुल 19 और चेन्नई एयरपोर्ट से 11 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। रेलवे ने भी सुरक्षा के मद्देनजर विजयवाड़ा-ओंगोल-गुडूर रेल सेक्शन पर ट्रेनों की आवाजाही रोक दी है। साउथ कोस्ट रेलवे (SCR) ने चार प्रमुख ट्रेनों के रूट डायवर्ट किए हैं।

केरल एक्सप्रेस (12625), हटिया एक्सप्रेस (18638), हावड़ा-बेंगलुरु सुपरफास्ट (22863) और कानपुर सेंट्रल-बेंगलुरु स्पेशल ट्रेन (04131) को वैकल्पिक मार्गों जैसे रेनिगुंटा-येर्रागुंटला-नंद्याल-गुंटूर-विजयवाड़ा के रास्ते चलाया जा रहा है। इनमें से कुछ ट्रेनों को चिराला, ओंगोल और नेल्लोर स्टेशनों पर नहीं रोका जा रहा है।

एनडीआरएफ की तैनाती और निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा

स्थिति से निपटने के लिए पांच राज्यों में नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (NDRF) की 37 टीमें तैनात हैं, जिनमें से 13 अकेले आंध्र प्रदेश में मोर्चा संभाले हुए हैं। मौसम विभाग ने गुंटूर, बापटला, कृष्णा, नेल्लोर और प्रकाशम जिलों के निचले इलाकों में बाढ़ का गंभीर खतरा जताया है।

प्रकाशम जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है। इन परिवारों को जिला परिषद स्कूलों में बनाए गए विशेष चक्रवात राहत केंद्रों में शिफ्ट किया गया है। एहतियात के तौर पर आंध्र प्रदेश के कई जिलों में मंगलवार को आंगनवाड़ी केंद्र, स्कूल और कॉलेज बंद रखे गए।

ओडिशा से 1.6 लाख लोग सुरक्षित निकाले गए

इस चक्रवात का असर सिर्फ आंध्र प्रदेश तक सीमित नहीं है। ओडिशा के पांच संवेदनशील जिलों से करीब 1.6 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। इसके अलावा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, केरल, तेलंगाना, कर्नाटक और महाराष्ट्र में भी तूफान के प्रभाव से भारी बारिश और तेज हवाएं चलने की आशंका जताई गई है। संबंधित राज्यों के प्रशासन को भी अलर्ट पर रखा गया है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

चक्रवाती तूफान मुरासु आंध्र प्रदेश के तट से कब टकराया?

चक्रवाती तूफान मुरासु सोमवार रात करीब 1 बजे आंध्र प्रदेश के तट से टकराया और सुबह 3:30 से 5:30 बजे के बीच इसने ओंगोल के पास तट को पार किया।

तूफान के कारण किन परिवहन सेवाओं पर असर पड़ा है?

खराब मौसम के कारण आंध्र प्रदेश के तीन एयरपोर्ट से 19 और चेन्नई से 11 उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। इसके अलावा विजयवाड़ा-ओंगोल-गुडूर रेल सेक्शन पर ट्रेनों की आवाजाही रोककर कई गाड़ियों के रूट बदले गए हैं।

कितनी NDRF टीमें तैनात की गई हैं?

पांच राज्यों में NDRF की कुल 37 टीमें तैनात हैं, जिनमें से 13 अकेले आंध्र प्रदेश में राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं।

ओडिशा में कितने लोगों को सुरक्षित निकाला गया?

ओडिशा के पांच जिलों से एहतियात के तौर पर 1.6 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।