Saturday, 26 September 2026
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CRPF जवानों की आत्महत्या: NHRC ने लिया स्वतः संज्ञान, गृह सचिव और डीजी से मांगी रिपोर्ट

संक्षेप में

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने जनवरी से मई 2026 के बीच सीआरपीएफ के 19 जवानों की आत्महत्या के मामलों का स्वतः संज्ञान लेते हुए केंद्रीय गृह सचिव और सीआरपीएफ महानिदेशक को नोटिस जारी किया है और दो सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

मुख्य बातें

  • जनवरी से 22 मई, 2026 के बीच सीआरपीएफ के 19 जवानों की आत्महत्या की रिपोर्ट्स का संज्ञान लिया गया।
  • 2025 में सीआरपीएफ के 59 जवानों ने आत्महत्या की, जो पांच साल में सबसे ज्यादा है।
  • पिछले पांच वर्षों (2021-2025) में कुल 281 जवानों ने आत्महत्या की, जिनमें 216 ड्यूटी पर थे।
  • NHRC ने गृह सचिव और सीआरपीएफ डीजी को दो हफ्ते का समय दिया है।
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CRPF जवानों की आत्महत्या: NHRC ने लिया स्वतः संज्ञान, गृह सचिव और डीजी से मांगी रिपोर्ट

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवानों की आत्महत्या के मामलों पर कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने इस साल पांच महीने से भी कम समय में बल के 19 कर्मियों की जान जाने की मीडिया रिपोर्ट्स का स्वतः संज्ञान लिया है।

शुक्रवार को जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, इस मामले में केंद्रीय गृह सचिव और सीआरपीएफ के महानिदेशक (DG) को नोटिस जारी किया गया है। आयोग ने दोनों शीर्ष अधिकारियों से दो सप्ताह के भीतर पूरे मामले पर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।

पांच साल के आंकड़े और मानवाधिकार उल्लंघन का सवाल

आयोग ने कहा है कि यदि मीडिया रिपोर्ट्स में सामने आए ये तथ्य सही हैं, तो यह देश के सबसे बड़े केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल में कार्यरत जवानों के जीवन के अधिकार के हनन का गंभीर मामला है।

सामने आए सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल यानी 2025 में सीआरपीएफ के 59 जवानों ने अपनी जान दी थी, जो पिछले पांच वर्षों में सबसे अधिक आंकड़ा है। इसके अलावा, पिछले पांच सालों (2021 से 2025) के दौरान बल के कुल 281 जवानों ने आत्महत्या की है। इनमें से करीब 216 जवान अपनी ड्यूटी के दौरान ही इस कदम तक पहुंचे।

साल-दर-साल आत्महत्या के आंकड़े

सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक, सीआरपीएफ में आत्महत्या के मामले लगातार सामने आते रहे हैं:

  • 2021: 57 मामले
  • 2022: 43 मामले
  • 2023: 57 मामले
  • 2024: 46 मामले
  • 2025: 59 मामले

इस गंभीर स्थिति को देखते हुए अब आयोग ने प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। गृह मंत्रालय और बल के शीर्ष नेतृत्व को भेजी गई रिपोर्ट में यह स्पष्ट करना होगा कि जवानों के मानसिक स्वास्थ्य और कार्यस्थल के दबाव को कम करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

NHRC ने किस मामले में स्वतः संज्ञान लिया है?

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने जनवरी से 22 मई, 2026 के बीच सीआरपीएफ के 19 जवानों की आत्महत्या से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट्स का स्वतः संज्ञान लिया है।

आयोग ने किन अधिकारियों को नोटिस जारी किया है?

NHRC ने केंद्रीय गृह सचिव और सीआरपीएफ के महानिदेशक को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

पिछले पांच वर्षों में सीआरपीएफ में कुल कितने जवानों ने आत्महत्या की है?

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले पांच वर्षों (2021-2025) में सीआरपीएफ के कुल 281 जवानों ने आत्महत्या की है, जिनमें से 216 जवान ड्यूटी पर तैनात थे।

साल 2025 में सीआरपीएफ में आत्महत्या के कितने मामले दर्ज किए गए थे?

वर्ष 2025 में सीआरपीएफ के 59 जवानों ने आत्महत्या की थी, जो पिछले पांच वर्षों में सबसे अधिक वार्षिक आंकड़ा है।