Monday, 9 November 2026
अभी का दौर

दिवाली पर आठ साल में पहली बार लाल निशान में बंद हुए शेयर बाजार, 7 दिन की तेजी पर ब्रेक

संक्षेप में

दीवाली 2026 पर विशेष मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र के दौरान भारतीय शेयर बाजार आठ साल में पहली बार लाल निशान में बंद हुए और सात दिन की तेजी का सिलसिला टूट गया। हालांकि फार्मा सेक्टर में बढ़त रही, लेकिन बैंकिंग और आईटी शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।

मुख्य बातें

  • दीवाली के विशेष मुहूर्त सत्र में भारतीय शेयर बाजार आठ साल में पहली बार लाल निशान में बंद हुए।
  • विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने इस सप्ताह शुक्रवार तक 4.6 अरब डॉलर के शेयर खरीदे।
  • फार्मा और हेल्थकेयर शेयरों में 2% तक की बढ़त दर्ज की गई।
  • इंडिया विक्स 5% बढ़कर लगातार तीसरे सत्र में लाभ के साथ बंद हुआ।
फाइनैन्स
दिवाली पर आठ साल में पहली बार लाल निशान में बंद हुए शेयर बाजार, 7 दिन की तेजी पर ब्रेक

संवत 2083 की शुरुआत के बीच इस बार दिवाली पर शेयर बाजार की चाल सुस्त रही। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर रविवार को हुए विशेष मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र के दौरान बेंचमार्क इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। इसके साथ ही पिछले लगातार सात सत्रों से चल रही तेजी का सिलसिला भी थम गया।

रविवार को समाप्त हुए सत्र में सेक्टरवार सूचकांकों का रुख मिलाजुला रहा। फार्मास्यूटिकल और हेल्थकेयर शेयरों में 2% तक की बढ़त दर्ज की गई, जबकि आईटी और फाइनेंशियल सर्विसेज के शेयरों पर दबाव देखने को मिला। आईसीआईसीआई बैंक और एचडीएफसी बैंक जैसे दिग्गज शेयर नुकसान के साथ बंद हुए। हालांकि, शुक्रवार को तेजी से अछूते रहे व्यापक बाजार (ब्रॉडर मार्केट) के सूचकांकों में मजबूत लाभ दर्ज किया गया।

विदेशी निवेशकों की वापसी और एफपीआई निवेश

साल 2026 में अब तक 15% तक की गिरावट झेलने के बाद भारतीय बाजारों को हाल के दिनों में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) से बड़ा सहारा मिला है। अमेरिकी, ताइवान और दक्षिण कोरियाई बाजारों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित शेयरों में गिरावट के बीच विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार का रुख किया है। ताइवान और दक्षिण कोरिया के बाजार अपने शिखर से 45% तक गिर चुके हैं।

आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने इस हफ्ते शुक्रवार तक 4.6 अरब डॉलर के शेयर खरीदे। यह रुख पिछले तीन साल के रुझान से बिल्कुल उलट है। जनवरी 2024 से अक्टूबर 2026 के बीच विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजारों से 50 अरब डॉलर की बिकवाली की थी।

अमेरिकी मिडटर्म चुनाव और 'एंटी-AI' रुख का असर

अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेट्स की जीत के बाद डेटा सेंटर के निर्माण की रफ्तार धीमी पड़ने की आशंकाएं जताई जा रही हैं। हालांकि, गुरुवार को 5.5% की गिरावट दर्ज करने के बाद टेक-हैवी नैस्डैक कंपोजिट शुक्रवार को 1.1% की बढ़त के साथ बंद हुआ।

पिछले साल वैश्विक स्तर पर एआई बूम से भारत की दूरी कम होने के कारण भारतीय बाजार को एक 'एंटी-AI' विकल्प के रूप में देखा जा रहा है। जिन भारतीय आईटी कंपनियों के कारोबार पर नई एआई तकनीकों के कारण दबाव आ गया था, उन्हें अब निवेशकों का समर्थन मिलने लगा है।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के चेयरमैन और सह-संस्थापक रामदेव अग्रवाल ने कहा कि दो साल के ठहराव के बाद कम वैल्युएशन और मजबूत अर्निंग्स ग्रोथ के दम पर अगली दिवाली तक निवेशकों को शानदार रिटर्न मिलने की पूरी संभावना है।

रुपये में स्थिरता और कच्चे तेल की कीमतें

भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा 10 अक्टूबर को उठाए गए कदमों के बाद रुपये में स्थिरता आई है। आरबीआई ने रुपये में कमजोरी के खिलाफ सुरक्षा को महंगा बनाने और तेल विपणन कंपनियों की खुले बाजार से डॉलर की मांग को कम करने के उपाय किए थे। इसके अलावा कंपनियों के दूसरी तिमाही के मजबूत नतीजों ने भी विदेशी निवेशकों को भारतीय बाजार में निवेश के लिए आकर्षित किया है।

वैश्विक मोर्चे पर, अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेट्स की जीत से पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के समाप्त होने की उम्मीदें भी जगी हैं, जिससे वैश्विक ऊर्जा कीमतों में नरमी आने की संभावना है।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले समय में भारतीय बाजार की दिशा तय करने में कच्चे तेल की कीमतें सबसे बड़ा कारक होंगी। हालिया तेजी का यह दौर तब देखने को मिला है जब ईंधन की कीमतें गिरकर करीब 90 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गई हैं।

इस बीच, इजराइल में राजनीतिक हलचल भी तेज बनी हुई है। राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने शनिवार को प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के सबसे कड़े प्रतिद्वंद्वी गादी आइजेनकोट को नई सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया है। पिछले महीने हुए संसदीय चुनावों में किसी भी पक्ष को बहुमत नहीं मिला था। इजराइल रक्षा बलों के पूर्व प्रमुख रहे आइजेनकोट के पास अब सरकार गठन के लिए छह सप्ताह का समय है, जबकि नेतन्याहू फिलहाल कार्यवाहक प्रधानमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

बाजार में अभी भी बनी है अनिश्चितता

बाजार की अनिश्चितता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि बाजार के उतार-चढ़ाव को मापने वाला इंडेक्स 'इंडिया विक्स' (India VIX) रविवार को लगातार तीसरे सत्र में 5% की बढ़त के साथ बंद हुआ। इससे यह साफ है कि पिछले कुछ सत्रों की जोरदार तेजी के बावजूद निवेशकों के मन में एहतियात और बेचैनी दोनों बरकरार हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

दिवाली पर शेयर बाजार का हाल कैसा रहा?

दीवाली पर बीएसई पर हुए विशेष मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र में भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में बंद हुए, जिससे पिछले लगातार सात सत्रों की तेजी का सिलसिला टूट गया।

विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार में कितना निवेश किया?

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने अक्टूबर 2026 के इस सप्ताह के दौरान शुक्रवार तक कुल 4.6 अरब डॉलर मूल्य के भारतीय शेयर खरीदे हैं।

रामदेव अग्रवाल ने बाजार के भविष्य को लेकर क्या कहा?

मोतीलाल ओसवाल के चेयरमैन रामदेव अग्रवाल के मुताबिक, दो साल के ठहराव के बाद कम वैल्युएशन और हाई अर्निंग्स ग्रोथ के कारण अगली दिवाली तक निवेशकों को शानदार रिटर्न मिल सकता है।

इंडिया विक्स (India VIX) में क्या बदलाव देखा गया?

बाजार के डर और अनिश्चितता को दर्शाने वाला इंडिया विक्स लगातार तीसरे सत्र में 5 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ, जो निवेशकों की सतर्कता को बताता है।