भारतीय विमेंस क्रिकेट टीम ने मंगलवार को एशियन गेम्स के फाइनल मुकाबले में श्रीलंका को 147 रन से हराकर लगातार दूसरी बार गोल्ड मेडल अपने नाम किया है। टीम ने इससे पहले 2022 के एशियाई खेलों में भी स्वर्ण पदक जीता था। फाइनल मैच में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए टूर्नामेंट के इतिहास का अपना सबसे बड़ा स्कोर खड़ा किया, जिसके जवाब में श्रीलंकाई टीम सस्ते में सिमट गई।
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने निर्धारित ओवरों में 3 विकेट के नुकसान पर 216 रन का विशाल स्कोर बनाया। यह एशियन गेम्स में विमेंस क्रिकेट का अब तक का सर्वोच्च स्कोर है। इस बड़े टारगेट का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम भारतीय गेंदबाजों के आगे टिक नहीं सकी और पूरी टीम 15.4 ओवर में महज 69 रन पर ढेर हो गई।
मंधाना और शेफाली की शानदार साझेदारी
भारत की शुरुआत बेहद मजबूत रही। सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा के बीच पहले विकेट के लिए 99 रन की बड़ी साझेदारी हुई। मंधाना ने 79 रन की धमाकेदार पारी खेली, जबकि ऋचा घोष ने नाबाद 49 और शेफाली वर्मा ने 48 रन का योगदान दिया। इस मैच के दौरान स्मृति मंधाना ने अपने इंटरनेशनल करियर में 11 हजार रन पूरे करने की उपलब्धि भी हासिल की।
श्रीलंका की ओर से गेंदबाजी में सुगंधिका कुमारी, कविशा दिलहारी और चामुडी प्रभोदा ने एक-एक सफलता हासिल की। हालांकि, श्रीलंकाई बल्लेबाजों में से कोई भी भारतीय गेंदबाजों के सामने क्रीज पर टिक नहीं सका और पूरी पारी बिखर गई।
श्रेयंका पाटिल ने झटके विकेट, मैच का अंतिम पल
लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई पारी को समेटने में गेंदबाजों ने अहम भूमिका निभाई। श्रेयंका पाटिल ने कौशानी नुथ्यांगना को बोल्ड कर भारत की जीत पर मुहर लगाई।
श्रेयंका की फुल और स्टंप्स पर आ रही गेंद को पढ़ने में कौशानी चूक गईं और आगे बढ़कर शॉट खेलने के प्रयास में गेंद सीधे मिडिल स्टंप पर जा लगी। इस विकेट के गिरते ही मैदान पर श्रीलंकाई पारी का अंत हो गया और भारतीय खिलाड़ियों ने तिरंगा लहराकर स्वर्ण पदक का जश्न मनाया।
दोनों टीमों की प्लेइंग इलेवन
भारतीय टीम: स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, जी. कमालिनी, हरमनप्रीत कौर (कप्तान), ऋचा घोष (विकेटकीपर), भारती फुलमाली, दीप्ति शर्मा, श्रेयंका पाटिल, क्रांति गौड़, एन. श्री चरणी और नंदनी शर्मा।
श्रीलंकाई टीम: इमेशा दुलानी, चमारी अट्टापट्टू (कप्तान), हसीनी परेरा, कविशा दिलहारी, हर्षिता समरविक्रमा, हंसिमा करुणारत्ने, कौशिनी नुथ्यांगना (विकेटकीपर), काव्या काविंदी, मिथाली अयोध्या, चामुडी प्रभोदा और सुगंधिका कुमारी।
