इंदौर में रियल एस्टेट के नाम पर आम लोगों की गाढ़ी कमाई हड़पने वाले भू-माफियाओं और जालसाजों के खिलाफ इंदौर क्राइम ब्रांच को बड़ी सफलता मिली है। क्राइम ब्रांच की टीम ने विकास अनुमति के लिए शासन के पास बंधक रखे गए प्लॉट को बेचकर 18.75 लाख की धोखाधड़ी करने वाली महिला बिल्डर और कंपनी की डायरेक्टर को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़ी गई आरोपिया 'रियालिटी यूनाइटेड इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड' की डायरेक्टर अनीता गहलोत है, जिसने फरियादिया को सस्ता प्लॉट देने का झांसा देकर धोखाधड़ी का जाल बुना था। क्राइम ब्रांच ने बीएनएस की धाराओं में केस दर्ज कर आरोपिया को कोर्ट से पुलिस रिमांड पर लिया है। इंदौर शहर में जमीन और प्लॉट के नाम पर धोखाधड़ी रोकने के लिए क्राइम ब्रांच की टीम लगातार सख्त रुख अपनाए हुए है। यह पूरा मामला 506 एरन हाइट्स का है, जहां संचालित 'रियालिटी यूनाइटेड इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड' की डायरेक्टर अनीता गहलोत पिता तेजराम गहलोत, निवासी प्लेटिनम पैराडाइज टावर, बायपास, इंदौर ने फरियादिया वनिता डांगी को अपनी ठगी का शिकार बनाया।​आरोपिया अनीता ने फरियादिया को ऑर्चिड पार्क कॉलोनी में बेहद सस्ते दामों पर प्लॉट दिलाने का प्रलोभन दिया था। फरियादिया को झांसे में लेकर आरोपिया ने उस प्लॉट का विक्रय अनुबंध तैयार करवा लिया और 18 लाख 75 हजार की राशि प्राप्त कर ली।फरियादिया को बाद में पता चला कि जिस प्लॉट J-16 का सौदा उसके साथ किया गया है, वह असल में कॉलोनी की विकास अनुमति प्राप्त करने के लिए नियमानुसार शासन के पास बंधक रखा गया प्लॉट है, जिसे बेचा ही नहीं जा सकता था। जब पीड़ित को अपने साथ हुई धोखाधड़ी का अहसास हुआ, तो उसने क्राइम ब्रांच में लिखित शिकायत दर्ज कराई।​मामले की जांच के बाद क्राइम ब्रांच ने अपराध दर्ज किया और   त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपिया अनीता गहलोत को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपिया फिलहाल पुलिस रिमांड पर है और कड़ाई से पूछताछ की जा रही है। अंदेशा जताया जा रहा है कि आरोपिया और उसकी कंपनी ने इसी तरह कई अन्य लोगों को भी बंधक प्लॉट बेचकर लाखों की चपत लगाई है, जिसका जल्द खुलासा हो सकता है।