देश की प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनी हुंडई मोटर इंडिया ने सितंबर 2026 से अपने सभी पैसेंजर वाहनों की कीमतें 1% तक बढ़ाने की घोषणा की है। साल 2026 में हुंडई का कारें महंगी करने का यह तीसरा फैसला है। कंपनी के मुताबिक, वाहनों के नए दाम मॉडल और वैरिएंट के आधार पर अलग-अलग लागू होंगे।

इस साल तीसरी बार बढ़ोतरी

हुंडई ने इससे पहले जनवरी 2026 में अपने पूरे पैसेंजर व्हीकल लाइनअप की कीमतें करीब 0.6% बढ़ाई थीं। इसके बाद जून 2026 में चुनिंदा मॉडल्स के दाम में संशोधन किया गया था, जिसमें कुछ कारों की कीमत 12,800 रुपये तक बढ़ी थी। अब सितंबर में कंपनी एक बार फिर पूरी रेंज के दाम बढ़ाने जा रही है।

हालांकि, कंपनी ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि किस खास मॉडल या वैरिएंट पर कितनी राशि बढ़ाई जाएगी। हुंडई के अनुसार, कीमत में बढ़ोतरी का वास्तविक असर वाहन की कैटेगरी और स्पेसिफिकेशन पर निर्भर करेगा।

लागत बढ़ने का दिया हवाला

कंपनी ने दाम बढ़ाने के पीछे मुख्य वजहों में कच्चे माल की बढ़ती लागत, ऑपरेशनल खर्च में इजाफा और ग्लोबल आर्थिक अनिश्चितताओं को बताया है। हुंडई का कहना है कि लागत के दबाव को नियंत्रित करने और बढ़े हुए खर्च का बोझ खुद उठाने की कोशिश लगातार की जा रही है, लेकिन मार्जिन बनाए रखने के लिए इसका आंशिक बोझ ग्राहकों पर डालना अनिवार्य हो गया है।

महंगे मॉडल्स पर अधिक असर की संभावना

1% तक की इस बढ़ोतरी का असर सभी गाड़ियों पर एक जैसा नहीं होगा। एंट्री-लेवल और कम कीमत वाले शुरुआती मॉडल्स पर बढ़ोतरी का नकद असर कम होगा, जबकि महंगे मॉडल्स और हायर वैरिएंट्स की कीमतों में ज्यादा बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

त्योहारी सीजन पर पड़ सकता है असर

यह बढ़ोतरी ऐसे समय में लागू हो रही है जब देश में त्योहारी सीजन की शुरुआत होने वाली है। ऑटो सेक्टर के लिए त्योहारी महीनों को सबसे बड़ा बिक्री सीजन माना जाता है, जिसमें ग्राहक नई गाड़ियां खरीदने में अधिक रुचि दिखाते हैं। ऐसे में देखना अहम होगा कि सितंबर में दाम बढ़ने का कंपनी की बुकिंग और सेल्स पर क्या असर पड़ता है। दाम बढ़ने से पहले कार खरीदने के इच्छुक ग्राहकों को डीलर्स के पास स्टॉक और मौजूदा कीमतों की स्थिति जांचनी होगी।