दौसा और सवाई माधोपुर जिलों में पेयजल संकट से राहत दिलाने के लिए 3,588 करोड़ रुपये की ईसरदा बांध परियोजना ने तेजी पकड़ ली है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में आगे बढ़ रही इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत नवंबर तक शहरी क्षेत्रों में जलापूर्ति शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। परियोजना के पूरा होने से दो जिलों के 1,256 गांवों और 6 कस्बों की करीब 35 लाख आबादी को शुद्ध पेयजल मिल सकेगा।
फिल्टर प्लांट तैयार, पानी पहुंचा
परियोजना के तहत 225 एमएलडी क्षमता का फिल्टर प्लांट बनकर तैयार हो चुका है, जहां फिलहाल टेस्टिंग और कमिशनिंग का काम चल रहा है। ईसरदा बांध स्थित इंटेक वेल से पानी इस फिल्टर प्लांट तक पहुंचाया जा चुका है। इसके साथ ही प्रथम पैकेज के तहत ईसरदा इंटेक वेल से महुआ तक प्रस्तावित 341 किलोमीटर मुख्य ट्रांसमिशन पाइपलाइन में से 299 किलोमीटर का काम पूरा हो चुका है। इस हिस्से पर अब तक 1,005.60 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
क्लस्टरवार प्रगति और नेटवर्क का विस्तार
परियोजना को गति देने के लिए इसे अलग-अलग क्लस्टरों में बांटा गया है। लालसोट क्लस्टर में 302 गांवों और लालसोट शहर को जोड़ा जाना है, जहां 2,002 किलोमीटर पाइपलाइन में से 124.7 किलोमीटर बिछाई जा चुकी है।
दौसा क्लस्टर में 248 गांवों और दौसा शहर के लिए 1,709 किलोमीटर पाइपलाइन में से 154 किलोमीटर का काम पूरा हो गया है। बसवा क्लस्टर में 368 गांवों और बांदीकुई शहर के लिए 2,077 किलोमीटर में से 1,801 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है, जिस पर 217.17 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। महुआ क्लस्टर में 315 किलोमीटर में से 244 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाने का काम पूरा हो चुका है।
सवाई माधोपुर के 177 गांव भी जुड़ेंगे
योजना का दायरा सवाई माधोपुर तक बढ़ाया गया है। इसके तहत बौंली तहसील के 99, मलारना डूंगर के 61 और चौथ का बरवाड़ा के 17 गांवों समेत कुल 177 गांवों को पेयजल नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इसके लिए 260.62 करोड़ रुपये का कार्यादेश 6 सितंबर 2025 को जारी किया जा चुका है। ग्रामीण क्षेत्रों में जिन जगहों पर जल संरचनाओं का निर्माण पूरा हो चुका है, वहां चरणबद्ध तरीके से कनेक्शन जोड़कर पानी की आपूर्ति शुरू की जाएगी।
