एआई तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के बीच सोशल मीडिया और स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स ने पारदर्शिता बढ़ाने के लिए नए निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत इंस्टाग्राम और स्पॉटिफाई अपने प्लेटफॉर्म पर एआई-जनरेटेड प्रोफाइलों की पहचान और अधिक स्पष्ट करने जा रहे हैं। इंस्टाग्राम पर अब 'AI क्रिएटर' टैग की जगह 'AI-generated प्रोफाइल' लेबिल दिखाई देगा।
मेटा के स्वामित्व वाले इस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ने स्पष्ट किया है कि जिन यूजर के अकाउंट्स पूरी तरह एआई-जनरेटेड अवतार या प्रोफाइल पर आधारित हैं, उन्हें अपने अकाउंट पर यह लेबिल उपयुक्त तरीके से अपडेट करना होगा। ऐसा न करने पर प्लेटफॉर्म संबंधित प्रोफाइल की रीच और एंगेजमेंट पर तकनीकी पाबंदियां लगा सकता है।
पारदर्शिता बढ़ाने की कवायद
कंपनी ने अपने आधिकारिक ब्लॉग में इस बदलाव के पीछे की वजह साझा करते हुए बताया कि इसी साल की शुरुआत में 'AI क्रिएटर' लेबिल की टेस्टिंग शुरू की गई थी, जिसके फीडबैक के आधार पर यह अपडेट लाया जा रहा है।
ब्लॉग के मुताबिक, जनरेटिव एआई के प्रसार के साथ लोगों ने यह शिकायत की थी कि वे किसी ऐसे प्रोफाइल से जुड़ते हैं जो इंसानी लगता है, लेकिन बाद में पता चलता है कि वह एआई-जनरेटेड शख्सियत है। यूजर इस बात की स्पष्ट जानकारी चाहते हैं कि कोई प्रोफाइल एआई-निर्मित व्यक्ति का है या नहीं। यह नया नियम केवल उन एआई प्रोफाइलों पर लागू होगा जो अनलेबल्ड हैं।
स्पॉटिफाई पर भी कसेगा शिकंजा
इस मुहिम में केवल इंस्टाग्राम ही नहीं, बल्कि ऑडियो स्ट्रीमिंग दिग्गज स्पॉटिफाई भी सितंबर 2026 के मध्य से 'AI पर्सनोज' के लिए नए लेबिलिंग नियम लागू करने जा रहा है।
स्पॉटिफाई ने भी अपने श्रोताओं के अनुभव का हवाला देते हुए कहा है कि यूजर इस बात को लेकर स्पष्ट रहे हैं कि वे किसी ऐसे आर्टिस्ट प्रोफाइल से धोखा नहीं खाना चाहते जो दिखने या सुनने में इंसानी लगे, लेकिन असल में एक एआई पर्सना हो।
सिफारिशों से बाहर रहेंगे एआई आर्टिस्ट
प्लेटफॉर्म की पारदर्शिता नीति के तहत स्पॉटिफाई ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी एआई पर्सना या एआई-जनरेटेड आर्टिस्ट को अपने किसी भी एडिटोरियल या एल्गोरिथ्म आधारित रिकमेंडेशन (सिफारिश) में शामिल नहीं करेगा।
