Friday, 25 September 2026
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जयपुर नगर निगम के नए महापौर बने सुनील कोठारी: RSS पृष्ठभूमि वाले पार्षद ने संभाली कमान; 78 सीटों के बहुमत से जीती कुर्सी

संक्षेप में

वार्ड 112 से पार्षद सुनील कोठारी जयपुर नगर निगम के नए महापौर चुन लिए गए हैं। 150 वार्डों में से भाजपा ने 78 सीटों पर बहुमत हासिल किया था, जिसके बाद यह परिणाम सामने आया।

मुख्य बातें

  • सुनील कोठारी जयपुर नगर निगम के नए महापौर चुने गए हैं।
  • भाजपा ने 150 में से 78 वार्डों में जीत दर्ज कर बहुमत हासिल किया था।
  • कोठारी ने वार्ड 112 से कांग्रेस प्रत्याशी आशीष शर्मा को 905 वोटों से हराया।
  • वे पेशे से सर्राफा व्यापारी हैं और तीन दशकों से संगठन में सक्रिय हैं।
जयपुर संभाग
जयपुर नगर निगम के नए महापौर बने सुनील कोठारी: RSS पृष्ठभूमि वाले पार्षद ने संभाली कमान; 78 सीटों के बहुमत से जीती कुर्सी

जयपुर नगर निगम के नए महापौर का चुनाव संपन्न हो चुका है। वार्ड संख्या 112 से पार्षद चुने गए भाजपा के वरिष्ठ नेता सुनील कोठारी को जयपुर का नया महापौर चुन लिया गया है। नगर निगम के 150 वार्डों में से भाजपा ने 78 सीटों पर जीत हासिल कर स्पष्ट बहुमत प्राप्त किया था, जिसके बाद यह परिणाम सामने आया।

राजनीतिक पृष्ठभूमि और संगठन में लंबा सफर

सुनील कोठारी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखते हैं और पिछले तीन दशकों से अधिक समय से पार्टी संगठन में सक्रिय हैं। वे इससे पहले भाजपा जयपुर शहर अध्यक्ष, प्रदेश सचिव और प्रदेश उपाध्यक्ष जैसे पदों पर रह चुके हैं और वर्तमान में पार्टी की प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य हैं। साल 2020 में जिलाध्यक्ष पद का कार्यकाल पूरा होने के बाद वे कुछ समय तक संगठन में कम सक्रिय रहे, लेकिन 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्हें पार्टी के चुनाव प्रबंधन और आर्थिक समितियों में अहम जिम्मेदारी दी गई थी।

'म्हारा जयपुर' आंदोलन से चर्चा में आए थे कोठारी

पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में जयपुर शहर और ग्रामीण प्रशासनिक विभाजन के विरोध में कोठारी ने 'म्हारा जयपुर, प्यारा जयपुर, हमें चाहिए एक जयपुर' आंदोलन का नेतृत्व किया था। उस दौरान उन्होंने घोषणा की थी कि जयपुर का एकीकरण होने पर वे सांगानेर के सांगा बाबा मंदिर से आमेर के शिला माता मंदिर तक पदयात्रा निकालेंगे, जिसे उन्होंने फरवरी 2024 में पूरा किया था।

राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, कोठारी को मेयर पद की जिम्मेदारी मिलने के पीछे तीन मुख्य बातें रहीं। उनका निवास और कार्यक्षेत्र किशनपोल परकोटा क्षेत्र में है, जहां पार्टी अपने शहरी वोट बैंक को मजबूत करना चाहती है। इसके अलावा, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के करीबी माने जाने वाले कोठारी की संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल बिठाने की क्षमता और वैश्य व जैन समाज के साथ-साथ सभी वर्गों में उनकी स्वीकार्यता ने इस फैसले में अहम भूमिका निभाई।

पार्षद चुनाव में दर्ज की थी जीत

हाल ही में हुए निकाय चुनावों में भाजपा ने सुनील कोठारी को किशनपोल क्षेत्र के वार्ड 112 से मैदान में उतारा था। उन्होंने कड़े मुकाबले में कांग्रेस प्रत्याशी आशीष शर्मा को 905 मतों के अंतर से हराकर नगर निगम में प्रवेश किया था। व्यवसाय से जाने-माने सर्राफा व्यापारी कोठारी 'कोठारी गेम्स एंड ज्वैलरी' का संचालन करते हैं और चुनावी हलफनामे के मुताबिक वे जयपुर नगर निगम के सबसे समृद्ध पार्षदों में शामिल हैं।

सामने होंगी ये बड़ी प्रशासनिक चुनौतियां

जयपुर के एकल नगर निगम के रूप में पुनर्गठन के बाद नए महापौर के सामने कई गंभीर प्रशासनिक मुद्दे हैं। परकोटे में यातायात नियंत्रण, शहर की सफाई व्यवस्था को पटरी पर लाना, मानसून के बाद टूटी सड़कों की मरम्मत और प्रशासनिक स्तर पर जनसुनवाई को पारदर्शी बनाना उनकी प्राथमिक सूची में शामिल रहेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

जयपुर नगर निगम के नए महापौर कौन बने हैं?

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और वार्ड 112 से पार्षद सुनील कोठारी जयपुर नगर निगम के नए महापौर चुने गए हैं।

जयपुर नगर निगम चुनाव में भाजपा को कितनी सीटें मिलीं?

नगर निगम के कुल 150 वार्डों में से भाजपा ने 78 सीटों पर जीत दर्ज कर स्पष्ट बहुमत हासिल किया है।

सुनील कोठारी ने पार्षद चुनाव में किस उम्मीदवार को हराया?

सुनील कोठारी ने किशनपोल क्षेत्र के वार्ड 112 से कांग्रेस प्रत्याशी आशीष शर्मा को 905 मतों के अंतर से शिकस्त दी है।

सुनील कोठारी किस राजनीतिक और सामाजिक पृष्ठभूमि से आते हैं?

सुनील कोठारी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पृष्ठभूमि से आते हैं और पिछले तीन दशकों से भाजपा संगठन में सक्रिय हैं। वे पेशे से सर्राफा व्यापारी हैं।