विश्व पर्यटन दिवस पर धार्मिक नगरी पुष्कर में गुरुवार को विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। पर्यटन विभाग और स्थानीय प्रशासन की ओर से आयोजित इन आयोजनों के तहत जयपुर घाट पर पहुंचे देशी-विदेशी पर्यटकों का अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने गुलाब के फूल देकर स्वागत किया। इस आत्मीय स्वागत से अभिभूत सैलानियों ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं और दुनिया भर के लोगों को पुष्कर आने का संदेश दिया।
पारंपरिक नगाड़ा और कालबेलिया नृत्य ने मोहा मन
उत्सव की शुरुआत पारंपरिक नगाड़ा वादन के साथ हुई, जिसकी थाप पर विदेशी पर्यटक भी थिरकते नजर आए। राजस्थानी संस्कृति के रंग बिखेरती कालबेलिया नृत्यांगनाओं ने इस दौरान शानदार प्रस्तुतियां दीं। इस प्रस्तुति ने वहां मौजूद स्थानीय लोगों और पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
पुष्कर कैमल सफारी संचालकों की ओर से आयोजित भव्य ऊंट रैली इस आयोजन का मुख्य आकर्षण रही। सजे-धजे ऊंटों की इस रैली को पुष्कर उपखंड अधिकारी (SDM) गुरुप्रसाद तंवर, नगर परिषद सभापति राजेंद्र बाकोलिया, उप सभापति लक्ष्मी देवी और पार्षद धर्मेंद्र नागोरा ने ढोल-धमाकों के बीच हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान सफारी संचालकों ने मुख्य अतिथियों का माल्यार्पण कर और साफा पहनाकर स्वागत किया।
'स्वच्छ पुष्कर, हरित पुष्कर' का संकल्प
समारोह को संबोधित करते हुए अतिथियों ने देशवासियों और पर्यटकों को विश्व पर्यटन दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने आमजन और स्थानीय व्यवसायियों से अपील की कि वे तीर्थ नगरी को सुंदर और पर्यावरण के अनुकूल बनाए रखने के लिए 'स्वच्छ पुष्कर, हरित पुष्कर' के संकल्प को अपनाएं।
प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से यह संदेश दिया कि पुष्कर की धार्मिक आस्था, संस्कृति और आतिथ्य सत्कार का अनुभव करने के लिए पर्यटक यहां जरूर पहुंचें। इस पूरे आयोजन के दौरान तीर्थ नगरी लोक संस्कृति के रंगों में रंगी नजर आई और विदेशी सैलानी भारतीय परंपराओं के मुरीद बनते दिखे।
