Saturday, 26 September 2026
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जयपुर में ब्रिक्स बैठक: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बोलीं- निजी निवेश का विकल्प नहीं, Catalyst है सरकारी पूंजी

संक्षेप में

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जयपुर में ब्रिक्स बैठक के इतर कहा कि सरकारी पूंजी को निजी निवेश का विकल्प नहीं बल्कि एक उत्प्रेरक के रूप में काम करना चाहिए। उन्होंने इसके लिए VGF, HAM, InvITs और बजट 2026-27 के प्रावधानों का हवाला दिया।

मुख्य बातें

  • वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जयपुर में ब्रिक्स वित्त मंत्रियों की बैठक के इतर बयान दिया।
  • सरकारी पूंजी को निजी निवेश का उत्प्रेरक बताया गया, विकल्प नहीं।
  • बजट 2026-27 में फ्रेट कॉरिडोर, हाई-स्पीड रेल और जलमार्गों के उपाय पेश किए गए।
  • भारत की ब्रिक्स 2026 अध्यक्षता का थीम
फाइनैन्स
जयपुर में ब्रिक्स बैठक: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बोलीं- निजी निवेश का विकल्प नहीं, Catalyst है सरकारी पूंजी

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि सरकारी पूंजी को निजी निवेश का विकल्प नहीं, बल्कि एक catalyst के रूप में काम करना चाहिए। उन्होंने बुधवार को जयपुर में ब्रिक्स वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों की बैठक से इतर एक संगोष्ठी को संबोधित करते हुए यह बात कही।

नीतिगत उपाय और बुनियादी ढांचा मॉडल

संगोष्ठी के दौरान वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि इस सिद्धांत को समर्थन देने के लिए कई नीतिगत उपाय किए गए हैं। इनमें वायबिलिटी गैप फंडिंग (VGF), हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल (HAM), इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स (InvITs), नेशनल इन्फ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन (NIP) और पीएम गति शक्ति शामिल हैं।

VGF वित्तीय रूप से सीमित लेकिन सामाजिक रूप से वांछनीय परियोजनाओं का समर्थन करता है, जबकि HAM सड़क बुनियादी ढांचे में संतुलित जोखिम-बंटवारा सुनिश्चित करता है। इसके अलावा, क्रेडिट एन्हांसमेंट मैकेनिज्म परियोजनाओं की बैंक योग्यता को बेहतर बनाने में मदद करते हैं।

पूंजी रीसाइक्लिंग और बजट 2026-27 के उपाय

InvITs पूंजी को रीसाइक्लिंग करने और दीर्घकालिक संस्थागत निवेशकों को आकर्षित करने में मदद करते हैं, जबकि NIP निवेशकों को लंबी अवधि की दृश्यता प्रदान करता है। मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी के लिए नेशनल मास्टर Plan यानी पीएम गति शक्ति समन्वय और दक्षता में सुधार कर रहा है।

इस नींव को आगे बढ़ाते हुए, केंद्रीय बजट 2026-27 में निजी क्षेत्र के निवेश को सुगम बनाने के लिए कई लक्षित उपाय पेश किए गए हैं। इनमें नए समर्पित फ्रेट कॉरिडोर, नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, नए राष्ट्रीय जलमार्ग और तटीय कार्गो प्रोत्साहन योजना शामिल हैं।

ब्रिक्स अर्थव्यवस्थाओं की चुनौतियां और भारत की अध्यक्षता

ब्रिक्स अर्थव्यवस्थाएं वैश्विक अर्थव्यवस्था के प्रमुख विकास इंजन का प्रतिनिधित्व करती हैं, लेकिन उन्हें बड़े पैमाने पर निजी निवेश जुटाने में आम संरचनात्मक बाधाओं का भी सामना करना पड़ता है। मुख्य चुनौती केवल पूंजी की उपलब्धता नहीं है, बल्कि विश्वास, स्थिरता, predictability और विश्वसनीय दीर्घकालिक फ्रेमवर्क का निर्माण है।

बुधवार को ही जयपुर में भारत की ब्रिक्स 2026 अध्यक्षता के तहत पहली ब्रिक्स वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों की बैठक का उद्घाटन सत्र भी आयोजित हुआ। इस दौरान भारत की अध्यक्षता के थीम "बिल्डिंग रेजिलिएंस एंड इनोवेशन फॉर कोऑपरेशन एंड sostenibilidad" पर जोर देते हुए वित्त मंत्री ने फाइनेंस ट्रैक के माध्यम से व्यावहारिक परिणामों में सहयोग बदलने की आवश्यकता बताई।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

निजी निवेश को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने क्या बयान दिया?

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकारी पूंजी को निजी निवेश का विकल्प नहीं, बल्कि एक उत्प्रेरक के रूप में काम करना चाहिए।

जयपुर में ब्रिक्स की कौन सी बैठक आयोजित हुई?

जयपुर में भारत की ब्रिक्स 2026 अध्यक्षता के तहत पहली ब्रिक्स वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों (FMCBG) की बैठक आयोजित हुई।

बजट 2026-27 में निजी निवेश के लिए क्या उपाय किए गए हैं?

बजट 2026-27 में नए समर्पित फ्रेट कॉरिडोर, नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, नए राष्ट्रीय जलमार्ग और तटीय कार्गो प्रोत्साहन योजना को शामिल किया गया है।

भारत की ब्रिक्स 2026 अध्यक्षता का थीम क्या है?

भारत की ब्रिक्स 2026 अध्यक्षता का थीम 'बिल्डिंग रेजिलिएंस एंड इनोवेशन फॉर कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी' है।