त्योहारी सीजन से पहले केंद्र सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ा तोहफा दिया है। मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी पर मुहर लगा दी गई। इस फैसले के बाद डीए 60 प्रतिशत से बढ़कर 63 प्रतिशत हो गया है। सरकार के इस कदम से देश के करीब 48 लाख कर्मचारियों और 68 लाख पेंशनभोगियों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा।
नई दरें 1 जुलाई से प्रभावी मानी जाएंगी। इस बढ़ोतरी पर सरकारी खजाने से सालाना करीब 10,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। भत्ते में इस इजाफे से कर्मचारियों के खातों में पिछले तीन महीनों का एरियर भी जुड़कर आएगा।
सैलरी पर कितना असर, किसे कितना फायदा
महंगाई भत्ते में हुई इस 3 फीसदी की वृद्धि का सीधा असर कर्मचारियों की मासिक सैलरी पर बेसिक पे के आधार पर पड़ेगा।
- न्यूनतम बेसिक सैलरी वाले: जिन कर्मचारियों का मूल वेतन 18,000 रुपये है, उनकी मासिक सैलरी में हर महीने 540 रुपये की बढ़ोतरी होगी।
- उच्च वेतनमान वाले: अगर किसी वरिष्ठ अधिकारी की बेसिक सैलरी 56,100 रुपये है, तो उनके वेतन में हर महीने लगभग 1,683 रुपये का इजाफा होगा।
- एरियर का भुगतान: चूंकि संशोधित दरें 1 जुलाई से लागू हैं, इसलिए कर्मचारियों और पेंशनर्स को जुलाई, अगस्त और सितंबर का बकाया एरियर भी आगामी वेतन के साथ मिलेगा।
इससे पहले इसी साल अप्रैल में सरकार ने डीए और डीआर में 2 फीसदी की बढ़ोतरी की थी, जिससे यह दर 60 प्रतिशत पर पहुंची थी। अब ताजा संशोधन के बाद यह आंकड़ा 63 फीसदी पर पहुंच गया है।
कैसे तय होता है महंगाई भत्ता
केंद्र सरकार साल में दो बार कर्मचारियों के डीए और पेंशनर्स के डीआर में संशोधन करती है। पहला संशोधन जनवरी से और दूसरा जुलाई से प्रभावी होता है। इस बढ़ोतरी का आधार ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (AICPI-IW) के आंकड़े होते हैं, जिनके जरिए खुदरा महंगाई का आकलन किया जाता है।
महंगाई भत्ता (DA) सरकारी कर्मचारियों को उनके रहन-सहन के खर्च को संतुलित करने के लिए दिया जाता है, जो उनकी बेसिक सैलरी का एक निश्चित प्रतिशत होता है। वहीं, महंगाई राहत (DR) इसी तर्ज पर रिटायर्ड कर्मचारियों को उनकी बेसिक पेंशन पर दी जाती है ताकि रोजमर्रा की चीजों के बढ़ते दामों के असर को कम किया जा सके।
