राजस्थान में निकाय चुनाव से पहले बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 26 IAS और 53 RAS बदले; 14 ट्रेनी IAS की भी पोस्टिंग

राजस्थान में निकाय चुनाव की आचार संहिता लागू होने से पहले राज्य सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। सरकार ने देर रात 26 IAS और 53 RAS अधिकारियों के तबादले किए हैं। इसके साथ ही 14 ट्रेनी IAS अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारी दी गई है। ट्रेनी IAS अधिकारियों को अलग-अलग जिलों में जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में OSD के पद पर लगाया गया है। यह प्रशासनिक बदलाव राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के बाद किया गया है। आयोग ने एक ही स्थान पर तीन साल या उससे अधिक समय से तैनात अधिकारियों को हटाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद सरकार ने बड़ी संख्या में IAS और RAS अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया है।

निकाय चुनाव से पहले क्यों हुआ फेरबदल?

राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से चुनावी प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखने के लिए लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात अधिकारियों को हटाने के निर्देश दिए गए थे। आयोग के निर्देश के मुताबिक, एक ही स्थान पर तीन साल या उससे अधिक समय से तैनात अधिकारियों को बदला जाना था। इसी प्रक्रिया के तहत सरकार ने यह तबादला सूची जारी की है। चुनाव से पहले अधिकारियों के तबादले की प्रक्रिया पूरी करना निर्वाचन व्यवस्था का अहम हिस्सा माना जाता है।

14 ट्रेनी IAS को भी मिली जिम्मेदारी

सरकार ने 14 ट्रेनी IAS अधिकारियों को भी अलग-अलग जिलों में तैनाती दी है। इन अधिकारियों को जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में OSD के तौर पर लगाया गया है। निकाय चुनाव की तैयारियों में ये अधिकारी जिला स्तर पर निर्वाचन संबंधी व्यवस्थाओं में सहयोग करेंगे। इससे चुनावी प्रक्रिया के दौरान प्रशासनिक कामकाज को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

पहले भी हुए थे RAS अधिकारियों के तबादले

निकाय चुनाव से पहले राजस्थान में प्रशासनिक अधिकारियों के तबादलों का यह पहला बड़ा दौर नहीं है। इससे पहले पिछले सप्ताह भी कई RAS अधिकारियों के तबादले किए गए थे। अब 26 IAS और 53 RAS अधिकारियों की नई सूची जारी होने से प्रशासनिक स्तर पर बड़े पैमाने पर बदलाव हुआ है।

चुनावी तैयारियों के लिहाज से अहम फेरबदल

राजस्थान में 309 नगरीय निकायों में चुनाव की तैयारियां चल रही हैं। ऐसे में चुनाव से ठीक पहले अधिकारियों के तबादले को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नई तैनाती के बाद अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में चुनाव से जुड़ी प्रशासनिक व्यवस्थाओं को संभालेंगे। राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार अधिकारियों की तैनाती और जिम्मेदारियों में बदलाव का उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष एवं व्यवस्थित तरीके से संचालित करना है।