मध्यप्रदेश के स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य के एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम) सेक्टर के लिए बड़ा ऐलान किया है। प्रदेशभर में उद्योगों के विस्तार और सुगम बुनियादी ढांचे के लिए एक नई "एमएसएमई औद्योगिक विकास कंपनी" (MSME-IDC) का गठन किया जाएगा। मुख्यमंत्री निवास में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने 900 से अधिक एमएसएमई इकाइयों को 450 करोड़ रुपये से अधिक की प्रोत्साहन राशि सिंगल क्लिक के जरिए जारी की।
इस मौके पर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य काश्यप भी विशेष रूप से मौजूद रहे। राज्य सरकार के पूर्ण स्वामित्व वाली यह नई कंपनी बड़े उद्योगों के लिए काम करने वाले मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम की तर्ज पर केवल एमएसएमई क्षेत्र के विकास और अधोसंरचना जरूरतों को पूरा करेगी।
निजी निवेशक बना सकेंगे औद्योगिक पार्क
सरकार ने औद्योगिक विकास को रफ्तार देने के लिए निजी निवेशकों को भी बड़ी छूट दी है। अब निजी निवेशक खुद औद्योगिक पार्क विकसित कर सकेंगे, जिसके लिए सरकार की ओर से 50 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से अनुदान दिया जाएगा।
प्रशासनिक स्तर पर तैयारी शुरू हो चुकी है और आगामी दो महीनों के भीतर प्रदेश के सभी जिलों में एमएसएमई इकाइयों के लिए जमीन उपलब्ध करा दी जाएगी। इस पहल से स्थानीय स्तर पर निवेश और रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे।
स्टार्टअप्स और रोजगार के नए अवसर
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 120 से अधिक स्टार्टअप्स के खातों में 47.80 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि ट्रांसफर की। इसके अलावा 75 औद्योगिक भूखंडों के लिए आशय-पत्र (Intent Letters) भी बांटे गए।
इन भूखंडों के जरिए लगभग 83 करोड़ रुपये का संभावित निवेश आ सकता है, जिससे करीब 640 नए रोजगार सृजित होंगे। मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के तहत कई अन्य हितग्राहियों को भी लाभ वितरित किए गए। युवा उद्यमियों से चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि सरकार नवाचार करने वालों को हरसंभव प्रशासनिक और वित्तीय मदद मुहैया कराएगी।
डीए में दो फीसदी की बढ़ोतरी
राज्य सरकार ने आर्थिक विकास को समावेशी बनाने के लिए शासकीय कर्मचारियों को भी राहत दी है। मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) में 2% की बढ़ोतरी का ऐलान किया है। सरकार का मानना है कि जब तक समाज का हर वर्ग विकास की मुख्य धारा से नहीं जुड़ेगा, तब तक आर्थिक समृद्धि का उत्सव पूरा नहीं हो सकता।
