Wednesday, 23 September 2026
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मोदी सरकार का दो दिवसीय चिंतन शिविर शुरू: मंत्रियों का बनेगा रिपोर्ट कार्ड, ग्रेडिंग तय करेगी कैबिनेट विस्तार का भविष्य

संक्षेप में

केंद्रीय मंत्रिपरिषद का दो दिवसीय चिंतन शिविर 23-24 सितंबर को आयोजित हो रहा है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंत्रियों के कामकाज का मूल्यांकन कर रहे हैं। मंत्रियों को उनके विभागों के प्रेजेंटेशन और ग्रेडिंग के आधार पर रिपोर्ट कार्ड मिलेगा, जो आगामी कैबिनेट फेरबदल का आधार बनेगा।

मुख्य बातें

  • चिंतन शिविर 23 और 24 सितंबर को आयोजित हो रहा है।
  • मंत्रियों के प्रदर्शन को एक्सीलेंट, गुड, एवरेज और पुअर श्रेणियों में आंका जाएगा।
  • यह रिपोर्ट कार्ड आगामी कैबिनेट विस्तार और फेरबदल का आधार बनेगा।
  • शिविर की मुख्य थीम
देश विदेश
मोदी सरकार का दो दिवसीय चिंतन शिविर शुरू: मंत्रियों का बनेगा रिपोर्ट कार्ड, ग्रेडिंग तय करेगी कैबिनेट विस्तार का भविष्य

केंद्रीय मंत्रिपरिषद का दो दिवसीय 'चिंतन शिविर' मंगलवार को शुरू हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित इस शिविर का मुख्य एजेंडा मंत्रियों के कामकाज का मूल्यांकन करना है। 'विकसित भारत 2047' थीम पर आधारित इस मंथन में मंत्रियों को अपने-अपने विभागों के कामकाज का प्रेजेंटेशन देना होगा, जिसके आधार पर उन्हें ग्रेडिंग मिलेगी।

शिविर के पहले दिन सभी केंद्रीय मंत्रियों ने अपने मंत्रालयों के प्रदर्शन का लेखा-जोखा रखा। दूसरे दिन यानी 24 सितंबर को इन प्रेजेंटेशन की समीक्षा की जाएगी। सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री के मुताबिक, इस रिव्यू के आधार पर मंत्रियों को चार श्रेणियों— एक्सीलेंट, गुड, एवरेज और पुअर— में आंका जाएगा। 'एक्सीलेंट' और 'गुड' प्रदर्शन करने वाले मंत्री ग्रीन जोन में रहेंगे, जबकि 'एवरेज' या उससे नीचे की श्रेणी वाले मंत्री रेड जोन में आ जाएंगे। यह रिपोर्ट कार्ड आगामी कैबिनेट विस्तार और फेरबदल का मुख्य आधार बनेगा।

जेन-जी कनेक्ट और महिला आरक्षण पर विशेष मंथन

शिविर के दौरान शासन सुधार और नीतिगत मुद्दों पर भी गहन चर्चा हो रही है। इसमें नई पीढ़ी यानी जेन-जी (Gen-Z) से तालमेल और उनके मुद्दों पर मंत्रियों से रिपोर्ट मांगी गई है। मंत्रियों को बताना होगा कि उन्होंने अपने क्षेत्र में युवा पीढ़ी से संवाद के लिए क्या कदम उठाए हैं और यूजीसी से जुड़े मुद्दों पर युवाओं का रुख क्या है।

इसके अलावा, महिला आरक्षण और रोजगार के मुद्दों पर भी बात हो रही है। सरकार का लक्ष्य संविधान संशोधन से जुड़े उन पहलुओं पर रणनीति तैयार करना है, जिससे नारी शक्ति वंदन अधिनियम और परिसीमन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके। इस सत्र में युवा रोजगार को लेकर युवाओं के फीडबैक और संतुष्टि स्तर पर भी मंथन जारी है।

2047 के विजन और पिछली रणनीतियों की समीक्षा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2022 को लाल किले से अगले 25 साल में भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया था। इस विजन को अमलीजामा पहनाने के लिए साल 2021 से ही तैयारियां चल रही हैं। तब वरिष्ठ सचिवों की 10 सेक्टोरल टीमें बनाई गई थीं, जिन्होंने विकास का डेटा जुटाया था।

मंत्रिपरिषद इस डेटा और अब तक कैबिनेट के सामने रखे गए आठ अलग-अलग प्रेजेंटेशन्स के आधार पर आगे की नीतियों की रूपरेखा तय कर रही है। इससे पहले 2021 में भी पीएम मोदी ने पूरी मंत्रिपरिषद के साथ पांच चिंतन शिविर किए थे, जिनमें प्रशासनिक दक्षता और संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल पर जोर दिया गया था।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

मोदी सरकार का चिंतन शिविर कब से कब तक आयोजित हो रहा है?

केंद्रीय मंत्रिपरिषद का यह दो दिवसीय चिंतन शिविर 23 और 24 सितंबर को आयोजित किया जा रहा है।

चिंतन शिविर का मुख्य उद्देश्य क्या है?

इस शिविर का मुख्य उद्देश्य मंत्रियों के कामकाज का मूल्यांकन करना और 'विकसित भारत 2047' के रोडमैप को आगे बढ़ाना है।

मंत्रियों के रिपोर्ट कार्ड की ग्रेडिंग कैसे तय होगी?

मंत्रियों को उनके विभागों के प्रेजेंटेशन के आधार पर एक्सीलेंट, गुड, एवरेज और पुअर श्रेणियों में परखा जाएगा, जो कैबिनेट विस्तार का आधार बनेगा।

विकसित भारत 2047 की परिकल्पना कब सामने आई थी?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार 15 अगस्त 2022 को 76वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से भारत को विकसित देश बनाने का संकल्प लिया था।