माता के स्वास्थ्य लाभ की मन्नत पूरी करने के लिए 19 वर्षीय युवा मोनू राज चौहान देश के 12 ज्योतिर्लिंगों की पदयात्रा पर निकले हैं। बिहार के पटना निवासी मोनू अपनी इस कठिन यात्रा के तहत गुरुवार को उज्जैन पहुंचे और प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन कर आशीर्वाद लिया।
12 ज्योतिर्लिंगों की दौड़ और मन्नत की कहानी
पटना के रहने वाले मोनू की मां लालती देवी कुछ समय पहले गंभीर रूप से बीमार हो गई थीं। मां की खराब सेहत को देखते हुए मोनू ने भगवान शिव से प्रार्थना की थी कि यदि उनकी मां स्वस्थ हो जाती हैं, तो वे दौड़कर सभी 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन करेंगे। मां के ठीक होने के बाद उन्होंने अपना यह संकल्प पूरा करने का निर्णय लिया।
अपनी इस साहसिक यात्रा के दौरान वे रोजाना औसतन 50 किलोमीटर तक दौड़ लगाते हैं। अक्टूबर के अंत तक वे लगभग 8 हजार किलोमीटर का सफर तय कर चुके हैं। सोशल मीडिया पर उनकी इस अनूठी यात्रा की काफी चर्चा है, जहां लोग उन्हें 'कलयुग का श्रवण कुमार' कहकर सम्मानित कर रहे हैं।
महाकाल दरबार में हुआ स्वागत
उज्जैन पहुंचने पर श्री महाकालेश्वर मंदिर में उनका पारंपरिक स्वागत किया गया। मंदिर प्रबंध समिति के सहायक प्रशासक हिमांशु कारपेंटर ने उनका सत्कार किया, जबकि पुजारी राजेश गुरु ने विधि-विधान से भगवान महाकाल का पूजन संपन्न कराया। मंदिर परिसर में मोनू ने प्रबंध समिति द्वारा श्रद्धालुओं के लिए की गई दर्शन व्यवस्थाओं की भी तारीफ की।
अपनी इस पूरी यात्रा को मोनू ने अपनी मां के साथ-साथ देश की तमाम माताओं को समर्पित किया है। गुरुवार को महाकाल दरबार में 236 दिन का सफर पूरा करने के बाद उन्होंने अपनी आगे की यात्रा के लिए कदम बढ़ाए।
