Friday, 6 November 2026
अभी का दौर

अजमेर के नसीराबाद में दीपोत्सव की धूम: धनतेरस पर सोने-चांदी से लेकर मिट्टी के दीयों तक जमकर खरीदारी, बाजार में लौटी रौनक

संक्षेप में

अजमेर जिले के नसीराबाद में दीपावली महापर्व को लेकर बाजारों में रौनक अपने चरम पर है। धनतेरस पर सोने-चांदी, बर्तनों और पटाखों के साथ-साथ पारंपरिक मिट्टी के दीयों और खिलौनों की बंपर बिक्री हो रही है। महीने की शुरुआत में वेतन मिलने से ग्राहकों में खरीदारी का जबरदस्त उत्साह देखा गया है।

मुख्य बातें

  • अजमेर के नसीराबाद में दीपावली पर बाजारों में भारी भीड़ उमड़ी है।
  • धनतेरस पर सर्राफा, बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक्स और आतिशबाजी की जमकर बिक्री हुई।
  • पिछले वर्षों की तुलना में इस बार मिट्टी के दीयों और खिलौनों की मांग और दुकानें अधिक हैं।
  • महीने के प्रथम सप्ताह में त्योहार होने और सैलरी मिलने से खरीदारी का ग्राफ बढ़ा है।
राज्य समाचार
अजमेर के नसीराबाद में दीपोत्सव की धूम: धनतेरस पर सोने-चांदी से लेकर मिट्टी के दीयों तक जमकर खरीदारी, बाजार में लौटी रौनक

अजमेर जिले के नसीराबाद में दीपावली महापर्व को लेकर बाजारों में जबरदस्त उत्साह और चहल-पहल देखी जा रही है। धनतेरस के मौके पर सर्राफा बाजार से लेकर बर्तन और आतिशबाजी की दुकानों तक ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ी। इस बार पारंपरिक मिट्टी के दीयों और खिलौनों के प्रति लोगों का रुझान खास तौर पर बढ़ा है, जिससे स्थानीय कुम्हारों और कारीगरों के चेहरों पर भी चमक लौट आई है।

सोने-चांदी से लेकर बर्तनों और पटाखों की बिक्री तेज

धनतेरस पर नसीराबाद के बाजारों में सोने, चांदी, पीतल और तांबे के बर्तनों की दुकानों पर ग्राहकों ने खासी दिलचस्पी दिखाई। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक सामान, सजावटी आइटम्स और आतिशबाजी की दुकानों पर भी दिनभर खरीदारों का तांता लगा रहा। मिठाइयों की दुकानों को खास तौर पर सजाया गया है, जहां विभिन्न वैराइटी की मिठाइयां डिस्प्ले पर रखी गई हैं। दीपावली में दो दिन शेष रहने के बावजूद पटाखा बाजारों में अलग-अलग वैराइटी के पटाखे खरीदने के लिए युवाओं और बच्चों में होड़ नजर आई। दुकानदारों ने भी ग्राहकों को लुभाने के लिए अपनी दुकानों को विशेष रोशनी और आकर्षक सजावट से सजाया है।

इस बार मिट्टी के दीयों और स्वदेशी उत्पादों की मांग बढ़ी

बाजार में इस बार इलेक्ट्रॉनिक लाइटिंग के मुकाबले पारंपरिक मिट्टी के दीयों और मिट्टी से बने खिलौनों की जमकर खरीद हो रही है। दुकानदारों के मुताबिक, पिछले कुछ वर्षों की तुलना में इस सीजन में मिट्टी के दीयों और सजावटी बर्तनों की दुकानें अधिक संख्या में सजी हैं। लोग चाइनीज या फैंसी लाइटों के बजाय स्वदेशी और पारंपरिक दीयों को तरजीह दे रहे हैं, जिससे पर्यावरण के प्रति जागरूकता का असर साफ तौर पर बाजार में दिखाई दे रहा है।

महीने के पहले हफ्ते में त्योहार आने से बढ़ा खरीदारी का ग्राफ

कारोबारियों का कहना है कि इस बार दीपावली महीने के शुरुआती हफ्तों में आ रही है। इस वजह से नौकरीपेशा वर्ग को समय पर वेतन मिल चुका है, जिससे उनकी क्रय शक्ति बढ़ी है और वे खुलकर खरीदारी कर रहे हैं। इसी का नतीजा है कि नसीराबाद के मुख्य बाजारों से लेकर स्थानीय मोहल्लों की दुकानों तक रौनक अपने पूरे यौवन पर है और कारोबारियों को इस सीजन में अच्छे मुनाफे की उम्मीद है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

नसीराबाद में दीपावली पर किस तरह की खरीदारी देखने को मिल रही है?

धनतेरस और दीपावली के मौके पर नसीराबाद में सोने-चांदी, तांबे-पीतल के बर्तनों, इलेक्ट्रॉनिक सामान, मिठाइयों और आतिशबाजी की जमकर खरीदारी हो रही है।

क्या इस बार मिट्टी के दीयों की मांग में कोई बदलाव आया है?

हाँ, इस बार इलेक्ट्रॉनिक लाइटिंग की तुलना में पारंपरिक मिट्टी के दीयों और मिट्टी के खिलौनों की रिकॉर्ड बिक्री हो रही है, और पिछले सालों की तुलना में इनकी दुकानें भी ज्यादा लगी हैं।

बाजार में खरीदारी बढ़ने का मुख्य कारण क्या है?

इस बार महीने के प्रथम सप्ताह में दीपावली महापर्व होने के कारण नौकरीपेशा लोगों को समय पर वेतन मिल गया है, जिससे खरीदारी का ग्राफ काफी ऊंचा रहा है।

अजमेर के किस क्षेत्र में दीपोत्सव की यह रौनक खास तौर पर देखी जा रही है?

अजमेर जिले के नसीराबाद विधानसभा क्षेत्र और उसके शहरी बाजारों में दीपावली महापर्व को लेकर यह विशेष रौनक और उत्साह देखा जा रहा है।