अजमेर जिले के नसीराबाद में दीपावली महापर्व को लेकर बाजारों में जबरदस्त उत्साह और चहल-पहल देखी जा रही है। धनतेरस के मौके पर सर्राफा बाजार से लेकर बर्तन और आतिशबाजी की दुकानों तक ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ी। इस बार पारंपरिक मिट्टी के दीयों और खिलौनों के प्रति लोगों का रुझान खास तौर पर बढ़ा है, जिससे स्थानीय कुम्हारों और कारीगरों के चेहरों पर भी चमक लौट आई है।
सोने-चांदी से लेकर बर्तनों और पटाखों की बिक्री तेज
धनतेरस पर नसीराबाद के बाजारों में सोने, चांदी, पीतल और तांबे के बर्तनों की दुकानों पर ग्राहकों ने खासी दिलचस्पी दिखाई। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक सामान, सजावटी आइटम्स और आतिशबाजी की दुकानों पर भी दिनभर खरीदारों का तांता लगा रहा। मिठाइयों की दुकानों को खास तौर पर सजाया गया है, जहां विभिन्न वैराइटी की मिठाइयां डिस्प्ले पर रखी गई हैं। दीपावली में दो दिन शेष रहने के बावजूद पटाखा बाजारों में अलग-अलग वैराइटी के पटाखे खरीदने के लिए युवाओं और बच्चों में होड़ नजर आई। दुकानदारों ने भी ग्राहकों को लुभाने के लिए अपनी दुकानों को विशेष रोशनी और आकर्षक सजावट से सजाया है।
इस बार मिट्टी के दीयों और स्वदेशी उत्पादों की मांग बढ़ी
बाजार में इस बार इलेक्ट्रॉनिक लाइटिंग के मुकाबले पारंपरिक मिट्टी के दीयों और मिट्टी से बने खिलौनों की जमकर खरीद हो रही है। दुकानदारों के मुताबिक, पिछले कुछ वर्षों की तुलना में इस सीजन में मिट्टी के दीयों और सजावटी बर्तनों की दुकानें अधिक संख्या में सजी हैं। लोग चाइनीज या फैंसी लाइटों के बजाय स्वदेशी और पारंपरिक दीयों को तरजीह दे रहे हैं, जिससे पर्यावरण के प्रति जागरूकता का असर साफ तौर पर बाजार में दिखाई दे रहा है।
महीने के पहले हफ्ते में त्योहार आने से बढ़ा खरीदारी का ग्राफ
कारोबारियों का कहना है कि इस बार दीपावली महीने के शुरुआती हफ्तों में आ रही है। इस वजह से नौकरीपेशा वर्ग को समय पर वेतन मिल चुका है, जिससे उनकी क्रय शक्ति बढ़ी है और वे खुलकर खरीदारी कर रहे हैं। इसी का नतीजा है कि नसीराबाद के मुख्य बाजारों से लेकर स्थानीय मोहल्लों की दुकानों तक रौनक अपने पूरे यौवन पर है और कारोबारियों को इस सीजन में अच्छे मुनाफे की उम्मीद है।
