Saturday, 26 September 2026
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राजस्थान पंचायत-निकाय चुनाव: हाईकोर्ट की 31 जुलाई की डेडलाइन पर संकट; आरक्षण के 'ट्रिपल टेस्ट' में फंसी प्रक्रिया

संक्षेप में

राजस्थान में पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव 31 जुलाई की हाईकोर्ट डेडलाइन के बावजूद आरक्षण निर्धारण और ट्रिपल टेस्ट की प्रक्रिया पूरी न होने के कारण अटके हुए हैं।

मुख्य बातें

  • हाईकोर्ट ने 31 जुलाई तक चुनाव प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया था।
  • ओबीसी आरक्षण के लिए आवश्यक ट्रिपल टेस्ट रिपोर्ट अभी तक प्राप्त नहीं हुई है।
  • राज्य निर्वाचन आयोग ने संबंधित विभागों को अब तक छह रिमाइंडर भेजे हैं।
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राजस्थान पंचायत-निकाय चुनाव: हाईकोर्ट की 31 जुलाई की डेडलाइन पर संकट; आरक्षण के 'ट्रिपल टेस्ट' में फंसी प्रक्रिया

राजस्थान में पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव समय पर होने पर संशय के बादल छा गए हैं। हाईकोर्ट ने 22 मई को आदेश दिया था कि 31 जुलाई तक चुनाव प्रक्रिया पूरी की जाए, लेकिन अब तक आरक्षण निर्धारण का काम ही पूरा नहीं हो सका है। राज्य निर्वाचन आयोग और सरकारी विभागों के बीच चल रहे लगातार पत्राचार के बावजूद चुनाव कार्यक्रम अभी तक घोषित नहीं हो पाया है।

आरक्षण का 'ट्रिपल टेस्ट' बना अड़चन

राज्य निर्वाचन आयोग ने 1 जून से लेकर अब तक पंचायतीराज और स्वायत्त शासन विभाग को छह बार रिमाइंडर भेजे हैं। आयोग का स्पष्ट कहना है कि राजस्थान पंचायतीराज निर्वाचन नियम, 1994 और नगरीय स्वशासन निर्वाचन नियम, 1994 के तहत SC, ST, OBC और महिला वर्ग का आरक्षण तय होना अनिवार्य है। इसके बिना चुनाव की घोषणा संभव नहीं है।

वहीं, 16 जून को ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग ने अपने जवाब में स्पष्ट किया कि ओबीसी आरक्षण के लिए सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप 'ट्रिपल टेस्ट' की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। सरकार ने बताया कि राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग (राजनीतिक प्रतिनिधित्व) आयोग का गठन तो कर दिया गया है, लेकिन उसकी रिपोर्ट अभी तक प्राप्त नहीं हुई है।

जिम्मेदारी पर आयोग और सरकार आमने-सामने

23 जून को राज्य निर्वाचन आयोग ने सरकार को पत्र लिखकर यह याद दिलाया कि ट्रिपल टेस्ट के लिए गठित आयोग राज्य सरकार का है। आयोग ने स्पष्ट किया कि रिपोर्ट समय पर प्राप्त करना और नियमों के अनुसार आरक्षण तय करके जानकारी देना सरकार का दायित्व है।

नगरीय निकाय चुनावों की स्थिति भी कमोबेश यही है। स्वायत्त शासन विभाग ने ओबीसी आयोग से रिपोर्ट जल्द उपलब्ध कराने का आग्रह किया है, ताकि निर्वाचन आयोग को सूचना भेजी जा सके। 29 जून को RTI के तहत सामने आए दस्तावेजों से यह साफ हो गया है कि हाईकोर्ट की डेडलाइन के करीब होने के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर काम अभी भी शुरुआती दौर में है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनाव कब तक होने थे?

राजस्थान हाईकोर्ट ने 22 मई को आदेश दिए थे कि पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव की प्रक्रिया 31 जुलाई तक पूरी कर ली जाए।

चुनाव प्रक्रिया में देरी का मुख्य कारण क्या है?

चुनाव प्रक्रिया में देरी का मुख्य कारण ओबीसी आरक्षण के लिए आवश्यक 'ट्रिपल टेस्ट' प्रक्रिया का पूरा न होना और आरक्षित सीटों का निर्धारण न होना है।

राज्य निर्वाचन आयोग ने सरकार को कितने रिमाइंडर भेजे हैं?

राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायतीराज और स्वायत्त शासन विभाग को आरक्षण निर्धारण की प्रक्रिया पूरी करने के लिए अब तक छह बार स्मरण पत्र (रिमाइंडर) भेजे हैं।