रायसेन शहर के वार्ड 14 स्थित अवंतिका कॉलोनी में शनिवार देर शाम पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने एक आवासीय मकान पर छापा मारा। इस कार्रवाई के दौरान मकान के भीतर भारी मात्रा में अवैध आतिशबाजी का जखीरा मिला, जिसकी कीमत करीब 2 लाख रुपये आंकी गई है। चौंकाने वाली बात यह है कि इसी मकान में बच्चों की कोचिंग भी संचालित हो रही थी, जिससे वहां पढ़ने वाले छात्रों की जान पर बड़ा खतरा मंडरा रहा था।
एसडीओपी के नेतृत्व में हुई छापेमारी
यह कार्रवाई एसडीओपी आकांक्षा तलैया के मार्गदर्शन में अंजाम दी गई। पुलिस और राजस्व अमले ने जब मकान मालिक योगेश अग्रवाल के घर की तलाशी ली, तो वहां बिना किसी लाइसेंस के बड़े पैमाने पर पटाखे छिपाकर रखे गए थे। पूछताछ और शुरुआती जांच में सामने आया कि मकान मालिक पिछले करीब 10 साल से इस आवासीय परिसर में अवैध रूप से पटाखों का भंडारण कर रहा था।
मौके से बरामद किए गए पूरे आतिशबाजी स्टॉक को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है और वाहन के जरिए कोतवाली थाने पहुंचाया गया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इस मामले में विस्फोटक अधिनियम (आतिशबाजी अधिनियम) के तहत विधिवत कार्रवाई की जा रही है।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी और प्रशासनिक अपील
छापेमारी के दौरान कोतवाली थाना प्रभारी नरेंद्र गोयल सहित राजस्व विभाग का अमला भी मौजूद रहा। कार्रवाई के बाद पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि त्योहारी सीजन को ध्यान में रखते हुए अवैध पटाखों के भंडारण और बिक्री के खिलाफ यह विशेष अभियान आगे भी जारी रहेगा।
प्रशासन ने इस घटना के बाद शहर के अभिभावकों से भी सतर्क रहने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि माता-पिता बच्चों को किसी भी कोचिंग सेंटर में भेजने से पहले वहां के सुरक्षा मानकों और आसपास चल रही गतिविधियों की जांच जरूर कर लें, ताकि किसी भी संभावित हादसे से बचा जा सके।
