Sunday, 27 September 2026
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की दो टूक: आतंकवाद पर भारत हर कार्रवाई को तैयार, राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता नहीं

संक्षेप में

नई दिल्ली में आयोजित एनडीटीवी डिफेंस समिट 2026 में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने स्पष्ट किया कि यदि पड़ोसी देश आतंकवाद की नीति जारी रखता है, तो भारत इसके खिलाफ हर संभव कठोर कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है और राष्ट्रीय सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा।

मुख्य बातें

  • रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नई दिल्ली में एनडीटीवी डिफेंस समिट 2026 को संबोधित किया।
  • राजनाथ सिंह ने स्पष्ट किया कि भारत आतंकवाद के खिलाफ हर तरह की कार्रवाई के लिए तैयार है।
  • पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सिंधु जल और कश्मीर का मुद्दा उठाते हुए धमकी दी थी।
  • संयुक्त राष्ट्र में भारत की फर्स्ट सेक्रेटरी पेटल गहलोत ने पाकिस्तान को PoK की हालत देखने की सलाह दी थी।
देश विदेश
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की दो टूक: आतंकवाद पर भारत हर कार्रवाई को तैयार, राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता नहीं

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को स्पष्ट किया कि यदि पड़ोसी देश आतंकवाद को अपनी राज्य नीति बनाए रखता है, तो भारत इसके खिलाफ हर संभव कदम उठाने के लिए पूरी तरह तैयार है। नई दिल्ली में आयोजित एनडीटीवी डिफेंस समिट 2026 में बोलते हुए उन्होंने कहा कि देश अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा से किसी भी परिस्थिति में समझौता नहीं करेगा।

रक्षा मंत्री ने भारत के रुख को स्पष्ट करते हुए कहा कि नई दिल्ली किसी भी अन्य देश की जमीन पर कब्जा करने की इच्छा नहीं रखती और न ही किसी को डराने-धमकाने की नीति में विश्वास करती है। भारत के सभी सैन्य अभियान और अंतरराष्ट्रीय सहयोग हमेशा देश के प्राथमिक हितों के दायरे में तय होंगे।

रणनीतिक स्वायत्तता और राष्ट्रीय हित सर्वोपरि

राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत सहयोग और कूटनीतिक भागीदारी का पक्षधर है, लेकिन यह कभी भी देश की रणनीतिक स्वायत्तता की कीमत पर नहीं हो सकता। शांति और संवाद की पहल तभी तक स्वीकार्य है जब तक वह राष्ट्रीय हितों के अनुकूल हो।

सम्मेलन में 'थ्यूसीडाइड्स ट्रैप' की उस अवधारणा का भी जिक्र किया गया, जिसके तहत किसी उभरती हुई महाशक्ति और स्थापित शक्तियों के बीच टकराव की आशंका जताई जाती है। इस पर रक्षा मंत्री ने दो टूक कहा कि भारत को इस तरह के सीमित और द्विआधारी नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। भारत न तो केवल यथास्थिति बनाए रखने वाली शक्ति है और न ही मौजूदा वैश्विक व्यवस्था को जबरन बदलने की मंशा रखने वाली ताकत है, बल्कि यह एक गहरी सभ्यतागत शक्ति है।

आतंकवाद के खिलाफ भारत का मुखर रुख

भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आतंकवाद के खिलाफ अपनी जीरो टॉलरेंस की नीति को लगातार मजबूत किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के शिखर सम्मेलन में आतंकवाद के पूरे तंत्र को नेस्तनाबूद करने की जरूरत पर जोर दिया था। उन्होंने आतंकवाद के वित्तपोषण (फंडिंग), युवाओं की भर्ती, कट्टरपंथ को बढ़ावा देने वाले तत्वों और उनके सुरक्षित ठिकानों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की मांग उठाई थी।

संयुक्त राष्ट्र महासभा में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी पाकिस्तान पर सीधा निशाना साधते हुए दो टूक कहा था कि भारत को आतंकवाद से अपनी रक्षा करने का पूरा अधिकार है। उन्होंने स्पष्ट किया था कि एक तरफ आतंकवाद को बढ़ावा देना और दूसरी तरफ दोस्ती व सद्भावना की बात करना कभी साथ नहीं चल सकता।

सिंधु जल और कश्मीर पर भारत का जवाब

दूसरी ओर, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने पिछले दिनों संयुक्त राष्ट्र में भारत को पानी रोकने पर युद्ध की धमकी दी थी। शहबाज ने दावा किया था कि भारत द्वारा सिंधु नदी के पानी को रोकने के किसी भी प्रयास को पाकिस्तान युद्ध की कार्रवाई मानेगा।

इसी मंच पर पाकिस्तान द्वारा कश्मीर का राग अलापे जाने पर भारत ने कड़ा पलटवार किया था। संयुक्त राष्ट्र में भारत की फर्स्ट सेक्रेटरी पेटल गहलोत ने पाकिस्तान को खरी-खोटी सुनाते हुए कहा था कि उसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बयानबाजी करने से पहले पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) की जमीनी और दयनीय हालत पर ध्यान देना चाहिए।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

राजनाथ सिंह ने आतंकवाद पर क्या बयान दिया है?

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि यदि पड़ोसी देश आतंकवाद को अपनी राज्य नीति बनाए रखता है, तो भारत आतंकवाद के खिलाफ हर तरह की कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है और राष्ट्रीय सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

एनडीटीवी डिफेंस समिट 2026 कहाँ आयोजित हुई थी?

एनडीटीवी डिफेंस समिट 2026 का आयोजन नई दिल्ली में किया गया था, जहाँ रक्षा मंत्री ने देश की रणनीतिक स्वायत्तता और सुरक्षा नीति पर विचार रखे।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने क्या धमकी दी थी?

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने संयुक्त राष्ट्र में दावा किया था कि भारत द्वारा सिंधु नदी के पानी को रोकने के किसी भी प्रयास को पाकिस्तान युद्ध की कार्रवाई मानेगा।

संयुक्त राष्ट्र में भारत की तरफ से पाकिस्तान को क्या जवाब दिया गया था?

संयुक्त राष्ट्र में भारत की फर्स्ट सेक्रेटरी पेटल गहलोत ने पाकिस्तान के कश्मीर संबंधी बयानों पर पलटवार करते हुए कहा था कि पाकिस्तान को पहले अपने अवैध कब्जे वाले कश्मीर (PoK) की हालत देखनी चाहिए।