दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को INDIA गठबंधन की महारैली के दौरान विपक्षी नेताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के कामकाज पर तीखे सवाल खड़े किए। कांग्रेस नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली पर आपत्ति जताते हुए उनके इस्तीफे की मांग की। रैली में उमड़ी भीड़ के बीच नेताओं ने दावा किया कि मौजूदा राजनीतिक माहौल में बदलाव की शुरुआत हो चुकी है और देश की जनता अब चुप नहीं बैठने वाली है।
"तानाशाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी": सचिन पायलट
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि देश के कोने-कोने से लोग लोकतंत्र की रक्षा और न्याय की गुहार लगाने राष्ट्रीय राजधानी पहुंचे हैं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ की गई कार्रवाई को लेकर आपत्ति जताई और कहा कि इस तरह के कदमों से संस्था की निष्पक्षता प्रभावित होती है। पायलट ने कहा कि ज्ञानेश कुमार को अपने पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है और उन्हें इस्तीफा देना चाहिए।
पार्टी की वैचारिक पृष्ठभूमि का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस महात्मा गांधी के सिद्धांतों पर चलने वाला संगठन है, जो समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने में यकीन रखता है। लोकतंत्र में जनता ही सर्वोपरि होती है और चुनावी नतीजों में जनादेश का सम्मान होना चाहिए।
शशि थरूर का आरोप: 13 करोड़ नाम मतदाता सूची से गायब
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वोटर लिस्ट से लगभग 13 करोड़ नाम हटाए जाने के बाद किसी निष्पक्ष चुनाव की उम्मीद नहीं की जा सकती। थरूर ने दो टूक शब्दों में कहा कि देश के नागरिकों से मतदान का अधिकार छीना जा रहा है और वे ऐसे व्यक्ति को मुख्य चुनाव आयुक्त के पद पर देखना नहीं चाहते, जिसकी निष्पक्षता संदिग्ध हो।
अधीर रंजन चौधरी का दावा: भाजपा की विदाई तय
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी ने रामलीला मैदान में जुटी भीड़ का हवाला देते हुए केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि अपने राजनीतिक जीवन में उन्होंने दिल्ली में इतनी बड़ी जनसभा पहले कभी नहीं देखी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के खिलाफ इतनी भारी संख्या में लोगों का एकजुट होना इस बात का प्रमाण है कि सत्ता परिवर्तन का समय नजदीक आ रहा है।
