Friday, 30 October 2026
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राष्ट्रपति की पहली महिला सेना एडीसी बनीं मेजर नव्या शेखावत, राजस्थान के सीकर की बेटी ने रचा इतिहास

संक्षेप में

भारतीय थल सेना की मेजर नव्या शेखावत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की पहली महिला सेना एडीसी (ऐड-डी-कैंप) बन गई हैं। राजस्थान के सीकर जिले की मूल निवासी नव्या थल सेना की ऐसी पहली महिला अधिकारी हैं, जिन्हें यह जिम्मेदारी मिली है।

मुख्य बातें

  • मेजर नव्या शेखावत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की पहली महिला सेना एडीसी बनी हैं।
  • वे राजस्थान के सीकर जिले के खंडेला ब्लॉक के केरपुरा गांव की मूल निवासी हैं।
  • उन्होंने यूपीएससी की सीडीएस परीक्षा के जरिए सेना में प्रवेश किया और 2021 में कमीशन मिला था।
  • वे तीनों सेनाओं में यह पद संभालने वाली दूसरी महिला अधिकारी हैं (उनसे पहले 2025 में नौसेना की यशस्वी सोलंकी बनी थीं)।
जयपुर संभाग
राष्ट्रपति की पहली महिला सेना एडीसी बनीं मेजर नव्या शेखावत, राजस्थान के सीकर की बेटी ने रचा इतिहास

भारतीय थल सेना की मेजर नव्या शेखावत ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की पहली महिला सेना ऐड-डी-कैंप (एडीसी) बनकर एक नया इतिहास रच दिया है। राजस्थान के सीकर जिले में खंडेला ब्लॉक के केरपुरा गांव की मूल निवासी मेजर नव्या देश के सर्वोच्च संवैधानिक प्रमुख और तीनों सेनाओं के सर्वोच्च कमांडर की एडीसी बनने वाली थल सेना की पहली महिला अधिकारी हैं। राष्ट्रपति सचिवालय ने उनकी इस नियुक्ति पर मुहर लगा दी है।

सैन्य परिवार की तीसरी पीढ़ी

मेजर नव्या अपने परिवार की तीसरी पीढ़ी के रूप में सैन्य वर्दी पहनकर देश की सेवा कर रही हैं। उनके दादा विंग कमांडर भंवर सिंह शेखावत भारतीय वायुसेना से सेवानिवृत्त अधिकारी हैं, जबकि उनके पिता ग्रुप कैप्टन करणसिंह शेखावत वर्तमान में भारतीय वायुसेना में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

दादा और पिता के पदचिन्हों पर चलते हुए नव्या ने बचपन से ही सेना में जाने का सपना देखा था। उन्होंने अपने कठिन परिश्रम के बल पर इस गौरवशाली पारिवारिक परंपरा को आगे बढ़ाया है। उनके इस मुकाम पर पहुंचने से पूरे सीकर क्षेत्र और उनके पैतृक गांव में गर्व का माहौल है।

यूपीएससी सीडीएस से सेना तक का सफर

नव्या शेखावत ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की कंबाइंड डिफेंस सर्विसेज (CDS) परीक्षा के माध्यम से भारतीय सेना में प्रवेश पाया था। उन्होंने शॉर्ट सर्विस कमीशन महिला गैर-तकनीकी पाठ्यक्रम की अखिल भारतीय योग्यता सूची में उत्कृष्ट स्थान हासिल किया था।

इसके बाद उन्होंने तमिलनाडु के चेन्नई स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी (OTA) से अपना कठिन सैन्य प्रशिक्षण पूरा किया। साल 2021 में उन्हें भारतीय सेना की आर्मी सर्विस कॉर्प्स में बतौर लेफ्टिनेंट कमीशन मिला था। यह कॉर्प्स युद्ध और शांति दोनों ही परिस्थितियों में सेना की टुकड़ियों तक ईंधन, रसद और जरूरी लॉजिस्टिक्स पहुंचाती है। अपनी उत्कृष्ट सेवा के बल पर उन्होंने महज पांच वर्षों में मेजर रैंक हासिल कर ली।

एडीसी की जिम्मेदारी और भूमिका

राष्ट्रपति के पास कुल पांच एडीसी की एक विशेष टीम होती है, जिसमें थल सेना से तीन, नौसेना से एक और वायुसेना से एक अधिकारी शामिल होते हैं। मेजर नव्या थल सेना के कोटे से इस मुख्य टीम का हिस्सा बनी हैं।

तीनों सशस्त्र बलों की बात करें तो वे इस प्रतिष्ठित पद को संभालने वाली देश की दूसरी महिला अधिकारी हैं। उनसे एक साल पहले 2025 में भारतीय नौसेना की लेफ्टिनेंट कमांडर यशस्वी सोलंकी राष्ट्रपति की पहली महिला एडीसी बनी थीं। एडीसी सीधे राष्ट्रपति के साथ तैनात रहकर सुरक्षा, प्रोटोकॉल, राजकीय समारोहों और आधिकारिक यात्राओं का प्रबंधन संभालते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

मेजर नव्या शेखावत कौन हैं?

मेजर नव्या शेखावत भारतीय थल सेना की अधिकारी हैं, जिन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का पहला महिला सेना एडीसी (ऐड-डी-कैंप) नियुक्त किया गया है। वे राजस्थान के सीकर जिले की रहने वाली हैं।

मेजर नव्या शेखावत का संबंध किस राज्य और जिले से है?

उनका संबंध राजस्थान के सीकर जिले के खंडेला ब्लॉक स्थित केरपुरा गांव से है।

सेना में एडीसी की क्या जिम्मेदारी होती है?

एडीसी सीधे राष्ट्रपति के साथ तैनात रहकर उनकी सुरक्षा, प्रोटोकॉल, राजकीय समारोहों और आधिकारिक यात्राओं का प्रबंधन संभालते हैं।

armed forces में महिला एडीसी बनने वाली नव्या कौन सी अधिकारी हैं?

वे थल सेना की पहली और तीनों सशस्त्र बलों को मिलाकर इस पद को संभालने वाली देश की दूसरी महिला अधिकारी हैं।