बुरहानपुर जिले की खकनार तहसील के ग्राम डवाली रैयत में बुनियादी सड़क सुविधा अब तक नहीं पहुंच पाई है। आजादी के 79 साल बीत जाने के बाद भी यहां के करीब 90 परिवारों को हर साल बारिश के मौसम में गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता है। पक्का मार्ग न होने के कारण बारिश के दो से ढाई महीने तक गांव का संपर्क मुख्य मार्ग से कट जाता है।
बारिश में कीचड़ और फिसलन से ठप होती आवाजाही
डवाली रैयत का मुख्य मार्ग बारिश शुरू होते ही दलदल और फिसलन में तब्दील हो जाता है। स्थिति यह हो जाती है कि दोपहिया वाहन तो दूर, पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है।
किसानों को मौसम की मार से बचने के लिए बारिश शुरू होने से पहले ही खाद, बीज और अन्य जरूरी सामान का स्टॉक गांव में करना पड़ता है। वहीं, बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होती है क्योंकि कीचड़ भरे रास्तों से स्कूल पहुंचना उनके लिए जोखिम भरा होता है।
एंबुलेंस और अंतिम यात्रा में आती है दुश्वारी
गांव में सड़क न होने का सबसे बुरा असर बीमारों और बुजुर्गों पर पड़ता है। स्वास्थ्य खराब होने की स्थिति में एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती है। ऐसी आपात स्थिति में परिजनों को मरीज को खाट या कंधों पर लादकर मुख्य मार्ग तक लाना पड़ता है।
वहीं, किसी ग्रामीण की मौत होने पर स्थिति और भी संवेदनशील हो जाती है। अंतिम यात्रा के लिए शव वाहन गांव तक न आने के कारण ग्रामीणों को खेतों की उबड़-खाबड़ और कीचड़ भरी पगडंडियों से होकर श्मशान तक पहुंचना पड़ता है।
"हमने कई बार स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से पक्की सड़क बनवाने की गुहार लगाई, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिला," कैलाश ने अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए यह बात कही।
ग्रामीणों ने शासन से मांग की है कि जल्द से जल्द गांव को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाली पक्की सड़क का निर्माण कराया जाए, ताकि उन्हें हर साल बरसात के महीनों में इस तरह की परेशानियों से मुक्ति मिल सके।
