Tuesday, 22 September 2026
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बुरहानपुर: आजादी के 79 साल बाद भी सड़क नहीं; कीचड़ भरे रास्तों से शव ले जाने को मजबूर ग्रामीण

संक्षेप में

बुरहानपुर जिले की खकनार तहसील के ग्राम डवाली रैयत में आजादी के 79 साल बाद भी पक्की सड़क नहीं है। बारिश के दौरान कीचड़ के कारण एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती और ग्रामीणों को शव खेतों के रास्ते ले जाने पड़ते हैं।

मुख्य बातें

  • घटना स्थल: ग्राम डवाली रैयत, खकनार तहसील, बुरहानपुर, मध्य प्रदेश
  • प्रभावित आबादी: करीब 90 परिवार
  • मुख्य समस्या: बारिश के 2.5 महीने सड़क पर कीचड़ और फिसलन से आवागमन ठप
  • आपातकालीन दिक्कत: एंबुलेंस का प्रवेश न होना और शव को खेतों के रास्ते श्मशान ले जाना
मध्य प्रदेश
बुरहानपुर: आजादी के 79 साल बाद भी सड़क नहीं; कीचड़ भरे रास्तों से शव ले जाने को मजबूर ग्रामीण

बुरहानपुर जिले की खकनार तहसील के ग्राम डवाली रैयत में बुनियादी सड़क सुविधा अब तक नहीं पहुंच पाई है। आजादी के 79 साल बीत जाने के बाद भी यहां के करीब 90 परिवारों को हर साल बारिश के मौसम में गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता है। पक्का मार्ग न होने के कारण बारिश के दो से ढाई महीने तक गांव का संपर्क मुख्य मार्ग से कट जाता है।

बारिश में कीचड़ और फिसलन से ठप होती आवाजाही

डवाली रैयत का मुख्य मार्ग बारिश शुरू होते ही दलदल और फिसलन में तब्दील हो जाता है। स्थिति यह हो जाती है कि दोपहिया वाहन तो दूर, पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है।

किसानों को मौसम की मार से बचने के लिए बारिश शुरू होने से पहले ही खाद, बीज और अन्य जरूरी सामान का स्टॉक गांव में करना पड़ता है। वहीं, बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होती है क्योंकि कीचड़ भरे रास्तों से स्कूल पहुंचना उनके लिए जोखिम भरा होता है।

एंबुलेंस और अंतिम यात्रा में आती है दुश्वारी

गांव में सड़क न होने का सबसे बुरा असर बीमारों और बुजुर्गों पर पड़ता है। स्वास्थ्य खराब होने की स्थिति में एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती है। ऐसी आपात स्थिति में परिजनों को मरीज को खाट या कंधों पर लादकर मुख्य मार्ग तक लाना पड़ता है।

वहीं, किसी ग्रामीण की मौत होने पर स्थिति और भी संवेदनशील हो जाती है। अंतिम यात्रा के लिए शव वाहन गांव तक न आने के कारण ग्रामीणों को खेतों की उबड़-खाबड़ और कीचड़ भरी पगडंडियों से होकर श्मशान तक पहुंचना पड़ता है।

"हमने कई बार स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से पक्की सड़क बनवाने की गुहार लगाई, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिला," कैलाश ने अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए यह बात कही।

ग्रामीणों ने शासन से मांग की है कि जल्द से जल्द गांव को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाली पक्की सड़क का निर्माण कराया जाए, ताकि उन्हें हर साल बरसात के महीनों में इस तरह की परेशानियों से मुक्ति मिल सके।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

बुरहानपुर के किस गांव में सड़क की समस्या है?

बुरहानपुर जिले की खकनार तहसील के ग्राम डवाली रैयत में आजादी के 79 साल बाद भी पक्की सड़क नहीं है।

डवाली रैयत गांव में सड़क न होने से क्या परेशानियां होती हैं?

सड़क न होने के कारण बारिश के दो से ढाई महीने गांव में कीचड़ और फिसलन रहती है, जिससे एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती और मरीजों व शवों को खेतों के रास्ते ले जाना पड़ता है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से क्या मांग की है?

ग्रामीणों ने शासन और प्रशासन से गांव तक पक्की सड़क का निर्माण कराने की मांग की है ताकि आवागमन की समस्या हमेशा के लिए खत्म हो सके।