अजमेर के नसीराबाद उप जिला चिकित्सालय में डायलिसिस की सुविधा शुरू हो गई है। इस सेवा के शुरू होने से स्थानीय मरीजों और उनके तीमारदारों को अब डायलिसिस के लिए अजमेर या जयपुर के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
अत्याधुनिक मशीनों से लैस इस यूनिट के शुरू होने के पहले ही दिन कन्हैयालाल और अजय शर्मा का डायलिसिस किया गया। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, नसीराबाद और आसपास के ग्रामीण इलाकों के करीब 200 मरीजों को किडनी की इस गंभीर बीमारी के इलाज के लिए लंबे समय से अन्य शहरों का रुख करना पड़ रहा था।
विधायक के मुख्य आतिथ्य में हुआ शुभारंभ
शुक्रवार को आयोजित एक सादे समारोह में स्थानीय विधायक रामस्वरूप लांबा ने फीता काटकर डायलिसिस यूनिट का लोकार्पण किया। इस मौके पर राजकीय सामान्य चिकित्सालय के प्रभारी डॉक्टर विनायक गौड़ और डॉक्टर दीपेंद्र के अलावा कई स्थानीय भाजपा पदाधिकारी व चिकित्साकर्मी मौजूद रहे।
7 साल से बंद सोनोग्राफी सेवा पर भी ऐलान
लोकार्पण समारोह के बाद मरीजों को संबोधित करते हुए विधायक रामस्वरूप लांबा ने स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर करने का भरोसा दिया। उन्होंने ऐलान किया कि अस्पताल में पिछले करीब 7 साल से बंद पड़ी सोनोग्राफी सेवा को जल्द ही फिर से शुरू कराया जाएगा।
इसके साथ ही अस्पताल में लंबे समय से खाली पड़े चिकित्सा विशेषज्ञों के पदों पर जल्द ही डॉक्टरों की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी की जाएगी। विधायक ने कहा कि इन व्यवस्थाओं के पटरी पर आने से मरीजों को इलाज के लिए दूसरे जिलों में रेफर करने की मजबूरी पर काफी हद तक अंकुश लगेगा।
विधायक कोष से लिफ्ट लगवाने का आश्वासन
अस्पताल की ऊपरी मंजिलों तक मरीजों और बुजुर्गों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए विधायक ने विधायक कोष से लिफ्ट लगवाने की घोषणा की है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि डायलिसिस यूनिट के शुरू होने से आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के समय और धन दोनों की भारी बचत होगी।
