टीवी के पॉपुलर इन्वेस्टिगेटिव शो 'सीआईडी' में इंस्पेक्टर पूर्वी का किरदार निभाकर घर-घर में पहचान बनाने वाली एक्ट्रेस अंशा सैयद ने अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर कई खुलासे किए हैं। शो ऑफ एयर होने के बाद भी फैंस के बीच इस स्टार कास्ट का क्रेज आज भी बरकरार है। हाल ही में एक इंटरव्यू में अंशा ने अपनी मैरिज प्लानिंग, 13 साल पुराने रिश्ते के टूटने और अपने परिवार से जुड़ी कई अनसुनी बातें शेयर की हैं।
13 साल से सिंगल, नहीं की दूसरी कोई डेटिंग
सिद्धार्थ कन्नन को दिए इंटरव्यू में अंशा ने अपनी पर्सनल लाइफ के कई पन्नों को खोला। उन्होंने बताया कि अब तक शादी न करने और लंबे समय से सिंगल रहने के पीछे की क्या वजह है। एक्ट्रेस ने खुलकर स्वीकार किया कि परिवार के माध्यम से उनकी कुछ लड़कों से मुलाकात जरूर हुई, लेकिन बात किसी मुकाम तक नहीं पहुंच पाई।
अंशा ने बताया- "मैं 13 साल पहले आखिरी रिश्ते में थी। उसके बाद से मेरी जिंदगी में कोई नहीं आया। मेरे जीवन में सिचुएशनशिप या वन नाइट स्टैंड जैसी चीजों के लिए कोई जगह नहीं रही।" उन्होंने यह भी साझा किया कि सिंगल रहने के दौरान कई बार उन्हें सामाजिक स्तर पर अजीब स्थितियों का सामना करना पड़ा। कई बार विवाहित महिलाएं उन्हें अपने पति के लिए एक 'खतरा' मानती थीं, क्योंकि उन्हें डर रहता था कि एक्ट्रेस उनके पतियों को अपनी तरफ आकर्षित कर लेंगी।
फेसबुक चैट से खुला था पार्टनर के धोखे का राज
अपने आखिरी और तीन साल तक चले गंभीर रिश्ते के टूटने के पीछे का कारण बताते हुए अंशा ने उस दर्दनाक अनुभव को भी साझा किया। उन्होंने बताया कि वह उस शख्स को लेकर पूरी तरह समर्पित थीं और शादी तक के सपने देख रही थीं।
एक्ट्रेस ने कहा- "वह तीन साल का रिश्ता अचानक खत्म नहीं हुआ था। मैं उस इंसान के साथ बेहद सीरियस थी, लेकिन वह मेरी पीठ पीछे किसी और को भी डेट कर रहा था। सच का पता तब चला जब मैंने फेसबुक पर उसकी किसी दूसरी लड़की के साथ चल रही चैट पढ़ ली थी।" इस खुलासे के बाद उन्होंने उस रिश्ते से हमेशा के लिए दूरी बना ली।
अलग-अलग धर्म के माता-पिता की संतान
इंटरव्यू के दौरान अंशा ने अपनी पारिवारिक पृष्ठभूमि और धार्मिक मान्यताओं पर भी बात की। उनके माता-पिता अलग-अलग धर्म से ताल्लुक रखते हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके घर में कभी भी धर्म को लेकर कोई पाबंदी या विवाद नहीं रहा। उनके परिवार ने हमेशा उन्हें एक स्वतंत्र और खुले माहौल में बड़ा किया है, जहां हर व्यक्ति की आस्था का सम्मान किया जाता है।
