अमेरिका में मध्यावधि (मिडटर्म) चुनावों के लिए मतदान आज यानी मंगलवार को होगा। भारतीय समयानुसार शाम 4:30 बजे से वोटिंग शुरू हो जाएगी। राष्ट्रपति चुनाव के ठीक दो साल बाद होने वाले इन चुनावों में अमेरिकी संसद के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की सभी 435 और उच्च सदन सीनेट की 35 सीटों पर मुकाबला होना है। इसके अलावा कुछ राज्यों में गवर्नर के पदों के लिए भी वोट डाले जाएंगे।
वर्तमान में संसद के दोनों सदनों में रिपब्लिकन पार्टी के पास बहुमत है। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, यदि पार्टी इनमें से किसी भी एक सदन में बहुमत गंवाती है, तो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए अपने एजेंडे से जुड़े विधेयकों को संसद से पारित कराना बड़ी चुनौती बन जाएगा।
सीनेट का गणित: 35 सीटों पर फैसला
100 सदस्यीय सीनेट में बहुमत का जादुई आंकड़ा 51 सीटों का है। फिलहाल रिपब्लिकन पार्टी के पास 53 और डेमोक्रेटिक पार्टी के पास 45 सीटें हैं। इनके अलावा दो निर्दलीय सांसद हैं जो डेमोक्रेट्स के साथ गठबंधन में काम करते हैं, जिससे प्रभावी आंकड़ा 53-47 का बनता है।
इस बार सीनेट की जिन 35 सीटों पर दांव लगा है, उनमें से 22 सीटें रिपब्लिकन और 13 सीटें डेमोक्रेट्स के पास हैं। डेमोक्रेटिक पार्टी को उच्च सदन में बहुमत हासिल करने के लिए कम से कम 4 सीटों का शुद्ध लाभ उठाना होगा। टाई होने की स्थिति में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के पास निर्णायक वोट देने का अधिकार सुरक्षित है।
हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स: सभी 435 सीटों पर मुकाबला
निचले सदन यानी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की कुल 435 सीटों में से प्रत्येक पर इस बार चुनाव हो रहा है। सदन में बहुमत का बहुमत का आंकड़ा 218 सीटों का है। जो भी पार्टी इस आंकड़े को छू लेगी, उसका सदन पर नियंत्रण हो जाएगा।
इन चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी के सामने अपने दोनों सदनों का बहुमत बचाने की चुनौती है, वहीं डेमोक्रेटिक पार्टी का पूरा जोर संसद के कम से कम एक सदन में सत्ता हासिल करने पर है।
