पंजाब के फिरोजपुर के ममदोट में रविवार को आयोजित नशा विरोधी यात्रा के दौरान राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने आम आदमी पार्टी सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की घोर नाकामी की वजह से पंजाब आज नशे की आग में झुलस रहा है। ममदोट में जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव से पहले तीन से छह महीने में नशा खत्म करने की गारंटी दी गई थी, लेकिन वादे पूरे होने के बजाय केवल तारीखें बदली जाती रहीं।
नशे के खिलाफ इस लड़ाई को राज्य के भविष्य से जोड़ते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता के साथ यह मज़ाक अब और अधिक सहन नहीं किया जाएगा। सभा के दौरान उन्होंने केंद्र सरकार की रणनीति का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश को नशे से मुक्त करने का संकल्प लिया है। इसके तहत वर्ष 2029 तक भारत को पूरी तरह नशामुक्त बनाने के लिए 200 से अधिक कार्य-बिंदुओं पर आधारित एक मजबूत रोडमैप तैयार किया गया है।
तस्करों और हवाला नेटवर्क पर शिकंजा
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस राष्ट्रीय कार्ययोजना का मुख्य उद्देश्य केवल छोटे तस्करों को पकड़ना नहीं, बल्कि नशे के स्रोत, तस्करी के रूट और मुख्य सरगनाओं को बेनकाब करना है। इसके साथ ही नशीली दवाओं की सप्लाई चेन और हवाला फंडिंग के तंत्र को पूरी तरह ध्वस्त किया जाएगा।
आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 से 2024 के बीच पंजाब में 33 हजार से अधिक एनडीपीएस मामले दर्ज किए गए। इसके अलावा, साल 2025 में देश भर में ड्रोन के जरिए नशे की तस्करी की 305 घटनाएं सामने आईं, जिनमें से 298 अकेले पंजाब सीमा पर दर्ज की गईं और 460 किलोग्राम ड्रग्स बरामद हुई। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार भले ही सजा की दर बढ़ने का दावा करे, लेकिन पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने खुद राज्य पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
राजस्थान में अपनाई गई जीरो टॉलरेंस नीति
युवाओं को देश की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ और अनुशासित युवा ही विकसित भारत की नींव हैं। नशामुक्ति केंद्रों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ महिलाओं और बच्चों के लिए विशेष पुनर्वास सुविधाएं तैयार की जा रही हैं।
उन्होंने राजस्थान सरकार के रुख को स्पष्ट करते हुए कहा कि राज्य के सीमावर्ती जिलों में नशा तस्करों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर सख्ती से काम चल रहा है। सीमाओं पर सुरक्षा और खुफिया तंत्र को चाक-चौबंद कर इस कारोबार पर लगातार प्रहार किया जा रहा है। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने आह्वान किया कि पंजाब को तस्करों के हवाले नहीं छोड़ा जा सकता और राज्य के भविष्य को बचाने के लिए इस मुहिम को एक जनआंदोलन बनाना होगा।
