Wednesday, 4 November 2026
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CEC ज्ञानेश कुमार पर 20 साल पुराने रिश्वत मामले में विजिलेंस जांच के आदेश, केरलम में PWD सचिव रहते लगे थे आरोप

संक्षेप में

केरलम के गृह मंत्री ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 20 साल पुराने सड़क निर्माण प्रोजेक्ट से जुड़े रिश्वत के आरोपों पर विजिलेंस जांच के आदेश दिए हैं, जब वह राज्य में PWD सचिव थे।

मुख्य बातें

  • गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विजिलेंस जांच के आदेश दिए हैं।
  • यह मामला 20 साल पुराने KSTP सड़क निर्माण प्रोजेक्ट से जुड़ा है।
  • ठेकेदार साजन का आरोप है कि ज्ञानेश कुमार ने PWD सचिव रहते भुगतान के बदले 2 करोड़ रुपये की घूस मांगी थी।
  • प्रोजेक्ट इंजीनियर ली सी बीन ने 2006 में आत्महत्या कर ली थी और सुसाइड नोट में नाम लिखा था।
देश विदेश
CEC ज्ञानेश कुमार पर 20 साल पुराने रिश्वत मामले में विजिलेंस जांच के आदेश, केरलम में PWD सचिव रहते लगे थे आरोप

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दो दशक पुराने मामले में विजिलेंस जांच शुरू कर दी गई है। राज्य के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने इस संबंध में विजिलेंस विभाग को औपचारिक निर्देश जारी कर दिए हैं। मामला करीब 20 साल पुराना एक सड़क निर्माण प्रोजेक्ट से जुड़ा हुआ है, जिस दौरान ज्ञानेश कुमार राज्य में लोक निर्माण विभाग (PWD) के सचिव पद पर तैनात थे।

यह पूरा मामला केरल स्टेट ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट (KSTP) के तहत किए गए सड़क निर्माण कार्यों से जुड़ा है। कोल्लम के रहने वाले ठेकेदार साजन ने शिकायत दर्ज कराई थी कि प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद बकाया भुगतान जारी करने की एवज में दो करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। शिकायत के मुताबिक, विभागीय इंजीनियरों ने करीब 17 करोड़ रुपये के बिलों को हरी झंडी दे दी थी, लेकिन तत्कालीन PWD सचिव ने कथित तौर पर भुगतान के चेक रोक दिए थे, जिसके बाद यह विवाद सामने आया था।

मलेशियाई कंपनी के इंजीनियर की आत्महत्या और सुसाइड नोट

शिकायतकर्ता साजन का दावा है कि भुगतान रुकने से मलेशियाई कंपनी PATI-BEL, उससे जुड़े ठेकेदारों और कर्मचारियों को गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा था। कंपनी के प्रोजेक्ट इंजीनियर ली सी बीन ने साजन को जानकारी दी थी कि बिना घूस दिए भुगतान के चेक जारी नहीं किए जा रहे हैं।

मामले में नया मोड़ तब आया जब वित्तीय संकट और भुगतान न मिलने के कारण प्रोजेक्ट इंजीनियर ली सी बीन ने 2006 में आत्महत्या कर ली थी। पुलिस रिकॉर्ड और शुरुआती जानकारियों के मुताबिक, इंजीनियर ने अपने सुसाइड नोट में ज्ञानेश कुमार का जिक्र किया था। ली के मलेशिया निवासी परिजनों ने कंपनी के अन्य कर्मचारियों को इस बारे में बताया था। इंजीनियर की मौत के बाद 2006 में भी विजिलेंस ने इस मामले की जांच की थी, लेकिन तब आरोप साबित न होने पर जांच बंद कर दी गई थी। अब गृह विभाग से अनुमति मिलने के बाद विजिलेंस इस पुराने मामले की नए सिरे से पड़ताल करेगी और पिछली जांच के पहलुओं को भी परखेगा।

विजिलेंस ने कानूनी राय के बाद उठाए कदम

विजिलेंस विभाग को शिकायत मिलने के बाद शुरुआती स्तर पर इसकी गोपनीय समीक्षा की गई थी। इसके बाद केस दर्ज करने के लिए गृह विभाग से औपचारिक अनुमति मांगी गई थी। सूत्रों के अनुसार, कानूनी सलाह लेने के बाद गृह मंत्री ने विजिलेंस को नए सिरे से जांच आगे बढ़ाने के आदेश दिए हैं। विजिलेंस की टीम पहले से ही KSTP प्रोजेक्ट से जुड़े कुछ अन्य मामलों की पड़ताल कर रही है, और अब इस शिकायत को भी उसी दायरे में शामिल किया जाएगा।

फिलहाल ज्ञानेश कुमार पर लगे रिश्वत के ये आरोप साबित नहीं हुए हैं और उनकी तरफ से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। विजिलेंस अब ली के परिवार, कंपनी के पूर्व कर्मचारियों और अन्य गवाहों के बयान दर्ज करने की तैयारी कर रही है।

राजनीतिक हलकों में भी गरमाया मुद्दा

एक तरफ जहां पुराने मामले में विजिलेंस जांच के आदेश दिए गए हैं, वहीं दूसरी तरफ राष्ट्रीय स्तर पर भी CEC ज्ञानेश कुमार राजनीतिक दलों के निशाने पर हैं। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और ‘इंडिया’ गठबंधन के नेता लगातार चुनाव आयोग पर वोटर लिस्ट से नाम हटाने और SIR प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप लगा रहे हैं। इसी मुद्दे को लेकर विपक्ष ने हाल ही में 1 नवंबर को एक बड़ी रैली भी निकाली थी और सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दायर की है।

इसके अलावा, मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, चुनाव आयोग के भीतर भी फैसलों को लेकर तनातनी की खबरें सामने आई हैं, जहां अन्य चुनाव आयुक्तों द्वारा कुछ फैसलों पर लिखित आपत्तियां दर्ज कराई गई थीं। बहरहाल, केरलम में विजिलेंस जांच के नए आदेश के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर किस मामले में जांच के आदेश दिए गए हैं?

केरलम के गृह मंत्री ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 20 साल पुराने रिश्वत के आरोपों की विजिलेंस जांच के आदेश दिए हैं। यह मामला तब का है जब वह राज्य में PWD सचिव थे और उन पर सड़क निर्माण प्रोजेक्ट के भुगतान के बदले 2 करोड़ रुपये मांगने का आरोप है।

यह मामला किस प्रोजेक्ट से जुड़ा है?

यह मामला केरल स्टेट ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट (KSTP) के तहत सड़क निर्माण कार्यों से जुड़ा है, जिसे मलेशियाई कंपनी PATI-BEL और उसके ठेकेदारों द्वारा पूरा किया गया था।

क्या इससे पहले भी इस मामले में कोई जांच हुई थी?

हाँ, प्रोजेक्ट इंजीनियर ली सी बीन की 2006 में हुई आत्महत्या के बाद भी विजिलेंस जांच की गई थी, लेकिन आरोप साबित न होने पर उसे बंद कर दिया गया था। अब नए सिरे से विजिलेंस पुरानी जांच के पहलुओं की भी समीक्षा करेगी।

ज्ञानेश कुमार पर आरोपों के संबंध में उनका क्या पक्ष है?

ज्ञानेश कुमार पर लगे ये आरोप अभी साबित नहीं हुए हैं और उन्होंने अब तक इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।