नागौर जिले के डांगावास गांव में 14 मई 2013 को भूमि विवाद के दौरान हुई दलितों सहित निर्दोष लोगों की नृशंस हत्या के मामले में सभी 40 आरोपियों के बरी होने के बाद कांग्रेस के अनुसूचित जाति विभाग ने न्यायिक प्रक्रिया और जांच की कमियों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। जिला कांग्रेस कमेटी, ब्यावर अनुसूचित जाति विभाग के जिलाध्यक्ष बिरदी चंद खोरवाल के नेतृत्व में राज्यपाल के नाम जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपकर मामले में उच्च न्यायालय में सक्षम अपील करने तथा जांच की कमियों की उच्च स्तरीय समीक्षा कराने की मांग की गई। ज्ञापन में बताया गया कि डांगावास हत्याकांड की जांच सीबीआई द्वारा की गई थी और मामले में करीब 11 वर्षों तक न्यायिक प्रक्रिया चली। हाल ही में अजमेर स्थित एससी/एसटी विशिष्ट न्यायालय द्वारा मामले में फैसला सुनाया गया, जिसमें अदालत ने हत्याएं होने की बात स्वीकार की, लेकिन साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की कमियों के चलते सभी 40 आरोपियों को बरी कर दिया। कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग ने कहा कि फैसले के बाद पीडि़त परिवारों, अनुसूचित जाति समाज और आमजन के सामने गंभीर सवाल खड़ा हो गया है कि यदि न्यायालय ने सभी 40 आरोपियों को बरी कर दिया, तो डांगावास में पांच परिजनों सहित निर्दोष लोगों की निर्मम हत्या आखिर किसने की। ज्ञापन के माध्यम से राज्य सरकार और सीबीआई से आग्रह किया गया कि न्यायालय के निर्णय के सभी विधिक पहलुओं का गहन परीक्षण कराया जाए तथा पीडि़त परिवारों को न्याय दिलाने के लिए माननीय उच्च न्यायालय में पुनर्विचार अथवा सक्षम अपील तत्काल प्रस्तुत की जाए। कांग्रेस नेताओं ने मामले की जांच और अभियोजन के स्तर पर हुई संभावित कमियों की उच्च स्तरीय जांच की मांग भी की। ज्ञापन में कहा गया कि यह पता लगाया जाना चाहिए कि केंद्रीय जांच एजेंसी और अभियोजन पक्ष की ओर से ऐसी कौन-कौन सी त्रुटियां या कमियां रह गईं, जिनके कारण इतने गंभीर हत्याकांड में अदालत द्वारा आरोपियों को दोषी नहीं ठहराया जा सका। ज्ञापन में डांगावास हत्याकांड से प्रभावित पीडि़त परिवारों को पूर्ण सुरक्षा उपलब्ध कराने तथा उन्हें त्वरित और उचित मुआवजा दिलाने की मांग की गई। कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग ने राज्यपाल और जिला प्रशासन से इस मामले में व्यक्तिगत हस्तक्षेप करते हुए पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की दिशा में आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया। ज्ञापन देने वालों में जिलाध्यक्ष बिरदीचंद खोरवाल, विधानसभा प्रत्याशी पारस पंच, मनोज चौहान, सोहन मेवाडा, अजय शर्मा, साकिर कुरैशी, शैलेन्द्र सांखला, मदन लालविक्रम सोनी, शैलेश शर्मा, अरूण बोहरा, विमला जूनवाल, बाबूलाल पंवार, जयदीपसिंह रावत, अशोक पंडित, सोमदेव साहू तथा संपति बोहरा सहित अन्य शामिल रहे।