Tuesday, 29 September 2026
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जयपुर में छात्र प्रिंस सोनी की मौत: न्याय की मांग को लेकर कैंडल मार्च, परिजनों ने स्कूल स्टॉफ पर लगाए गंभीर आरोप

संक्षेप में

जयपुर के झोटवाड़ा स्थित महाराणा प्रताप स्कूल में छात्र प्रिंस सोनी की संदिग्ध मौत के मामले में परिजनों और अभिभावक संघ ने स्कूल स्टाफ पर समय पर अस्पताल न ले जाने का आरोप लगाया है। पुलिस एफएसएल रिपोर्ट का इंतजार कर रही है और शिक्षा विभाग ने मामले की जांच सीबीईओ को सौंप दी है।

मुख्य बातें

  • घटना जयपुर के झोटवाड़ा स्थित महाराणा प्रताप स्कूल की है, जहां छात्र प्रिंस सोनी की मौत हुई।
  • परिजनों और संयुक्त अभिभावक संघ ने स्कूल प्रशासन की लापरवाही का आरोप लगाते हुए कैंडल मार्च निकाला।
  • शिक्षा विभाग ने झोटवाड़ा के सीबीईओ को मामले की विभागीय जांच सौंप दी है।
  • मौत के कारणों की पुष्टि के लिए विसरा और अन्य नमूने एफएसएल (FSL) भेजे गए हैं।
क्राइम
जयपुर में छात्र प्रिंस सोनी की मौत: न्याय की मांग को लेकर कैंडल मार्च, परिजनों ने स्कूल स्टॉफ पर लगाए गंभीर आरोप

जयपुर के झोटवाड़ा स्थित महाराणा प्रताप स्कूल में 11वीं के छात्र प्रिंस सोनी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में शुक्रवार शाम कैंडल मार्च निकाला गया। पीड़ित परिजनों, स्वर्णकार समाज और संयुक्त अभिभावक संघ के बैनर तले हुए इस प्रदर्शन में स्कूल प्रशासन की कथित लापरवाही की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई। मार्च से पहले एक स्थानीय गार्डन में श्रद्धांजलि सभा भी आयोजित की गई थी, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।

परिजनों का आरोप- समय पर अस्पताल नहीं ले गए

छात्र की मां निर्मला देवी ने स्कूल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि घटना के वक्त स्कूल से महज 50 मीटर की दूरी पर अस्पताल था, लेकिन स्टॉफ बच्चे को वहां ले जाने के बजाय परिजनों को फोन कर चार पहिया वाहन लेकर आने को कह रहा था। मां का कहना है कि जब वे स्कूल पहुंचीं, तब प्रिंस के होंठ नीले पड़ चुके थे और वह शिक्षकों से खुद को बचाने की गुहार लगा रहा था।

निर्मला देवी ने कहा कि जब वे खुद प्रिंस को अस्पताल लेकर पहुंचे, तब डॉक्टरों ने बताया कि अगर बच्चे को करीब आधे घंटे पहले लाया जाता तो उसकी जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने आशंका जताई कि प्रिंस स्कूल में लंच लेट होने पर शिक्षकों के गुस्से से डरता था, शायद इसी तनाव में उसने जल्दी-जल्दी पेटीज खाई होगी।

दोस्त की जुबानी- गले में अटकी पेटीज, स्टॉफ रूम में रखा

प्रिंस के एक सहपाठी ने बताया कि लंच ब्रेक के दौरान दोनों ने साथ खाना खाया था, जिसके बाद प्रिंस ने पेटीज खाई। दोस्त के मुताबिक, पेटीज के दो निवाले खाने के बाद ही उसके गले में कुछ अटक गया और पानी पीने के बाद उसे चक्कर आने लगे। इसके बाद स्टॉफ उसे स्टाफ रूम में ले गया और परिजनों को फोन किया।

दोस्त का आरोप है कि प्रिंस को करीब एक घंटे तक बिना किसी चिकित्सकीय मदद के स्टाफ रूम में ही रखा गया, जबकि उसकी सांसें उखड़ रही थीं और मुंह से झाग निकल रहा था। वहां मौजूद छात्रों ने जब प्रिंस को सीपीआर (CPR) देने को कहा, तो स्कूल स्टाफ ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि वे डॉक्टर नहीं हैं। दोस्त ने यह भी दावा किया कि स्कूल परिसर में कोई मेडिकल रूम उपलब्ध नहीं था।

एफएसएल रिपोर्ट का इंतजार, शिक्षा विभाग ने सौंपी जांच

मामले में पुलिस की शुरुआती जांच अभी किसी ठोस निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी है। मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विसरा और अन्य नमूनों को फोरेंसिक साइंस लैब (FSL) भेजा गया है। झोटवाड़ा एसीपी शिव कुमार भारद्वाज ने बताया कि पुलिस स्कूल के शिक्षकों, स्टॉफ और अन्य गवाहों से पूछताछ कर रही है। एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा।

इस बीच, शिक्षा विभाग ने शुक्रवार को मामले का संज्ञान लेते हुए झोटवाड़ा के सीबीईओ (CBEO) को विभागीय जांच की जिम्मेदारी सौंप दी है। संयुक्त अभिभावक संघ के प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक जैन बिट्टू ने चेतावनी दी है कि यदि तीन दिन के भीतर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं की गई, तो बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

जयपुर के महाराणा प्रताप स्कूल में किस छात्र की मौत हुई है?

जयपुर के झोटवाड़ा स्थित महाराणा प्रताप स्कूल में 11वीं के छात्र प्रिंस सोनी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई है।

परिजनों ने स्कूल प्रशासन पर क्या मुख्य आरोप लगाए हैं?

परिजनों ने आरोप लगाया है कि घटना के वक्त पास में ही अस्पताल होने के बावजूद स्कूल स्टाफ प्रिंस को समय पर अस्पताल नहीं ले गया और परिजनों को फोन कर गाड़ी लेकर आने को कहा।

प्रिंस सोनी की मौत के मामले में पुलिस जांच कहां तक पहुंची है?

पुलिस ने पोस्टमॉर्टम कराकर विसरा और अन्य नमूने एफएसएल (FSL) जांच के लिए भेज दिए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सटीक कारणों का खुलासा हो सकेगा।

संयुक्त अभिभावक संघ ने प्रशासन को क्या चेतावनी दी है?

संयुक्त अभिभावक संघ ने चेतावनी दी है कि यदि तीन दिन के भीतर जिम्मेदार स्कूलकर्मियों पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो एक विशाल प्रदर्शन किया जाएगा।