दिल्ली हाईकोर्ट ने फिल्म 'काला हिरण: द बैटल फॉर लेगेसी' की रिलीज पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया है। जस्टिस ज्योति सिंह की पीठ ने इस मामले में सुनवाई को 6 जुलाई तक के लिए टाल दिया है। सलमान खान ने अपनी याचिका में फिल्म मेकर्स पर पर्सनालिटी राइट्स के उल्लंघन का आरोप लगाया था।
सेंसर बोर्ड के पास नहीं भेजी जाएगी फिल्म
बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान फिल्म के प्रोड्यूसर के वकील ने कोर्ट को स्पष्ट किया कि फिल्म अभी रिलीज के लिए तैयार नहीं है। वकील ने भरोसा दिलाया कि फिल्म को अभी तक सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) के पास प्रमाणन के लिए नहीं भेजा गया है और अगली सुनवाई से पहले इसे सेंसर बोर्ड के पास नहीं भेजा जाएगा। प्रोड्यूसर का जवाब रिकॉर्ड पर न होने के कारण कोर्ट ने मामले को आगे के लिए सुरक्षित रखा है।
पर्सनालिटी राइट्स और छवि को लेकर विवाद
सलमान खान ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि फिल्म मेकर्स उनकी पहचान और नाम का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। याचिका के अनुसार, फिल्म के प्रोमो और प्रमोशनल मैटेरियल में एक 'लुकअलाइक' (हमशक्ल) को दिखाया गया है, जिसने सलमान खान का सिग्नेचर ब्लू ब्रेसलेट पहना हुआ है।
एक्टर का कहना है कि फिल्म में 1998 के काला हिरण शिकार मामले और गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के साथ उनके कथित विवाद को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। सलमान खान के अनुसार, यह सामग्री उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने के इरादे से बनाई गई है।
प्रोड्यूसर अमित जानी की प्रतिक्रिया
सुनवाई टलने के बाद फिल्म के प्रोड्यूसर अमित जानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कोर्ट के लिए कोई स्टार या ग्लैमर मायने नहीं रखता। जानी ने दावा किया कि यह फिल्म दुनिया भर के 8000 सिनेमाघरों में रिलीज की जाएगी।
