महेश्वर के टप्पा करही में पदस्थ एक पटवारी को भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो की टीम ने चार हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए दबोच लिया। आरोपी पटवारी ने पानी का प्लांट लगाने के लिए खरीदी गई कृषि भूमि के कागजात दुरुस्त करने के एवज में यह रकम मांगी थी। शिकायत सही मिलने के बाद एंटी करप्शन ब्यूरो ने नेहरू मार्केट के पास यह कार्रवाई को अंजाम दिया।
भूमि नामांतरण और बटांकन के लिए मांग
ग्राम मोहनया के रहने वाले कपिल राठौर ने कृषि जमीन की खरीदी के बाद उसके नामांतरण और बटांकन के सिलसिले में आवेदन किया था। करही टप्पा हल्के में तैनात पटवारी सुनील पटेल इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए लगातार टालमटोल कर रहा था और इसके बदले चार हजार रुपये की मांग पर अड़ा हुआ था।
परेशान होकर आवेदक ने इंदौर लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय के पास लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद महकमे ने गोपनीय तरीके से इसका सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हो गई।
नेहरू मार्केट में बिछाया गया जाल
सत्यापन में मामला पुख्ता होने के बाद लोकायुक्त टीम ने 28 अक्टूबर 2026 को योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप लगाया। महेश्वर के नेहरू मार्केट में स्थित विपुल टायर के पास जैसे ही पटवारी ने आवेदक से चार हजार रुपये की नकदी ली, निगरानी कर रही टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। अचानक हुई इस कार्रवाई से मौके पर अफरातफरी मच गई।
कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में निरीक्षक प्रतिभा तोमर के साथ आरक्षक आदित्य सिंह भदौरिया, चंद्रमोहन बिष्ट, शैलेन्द्र सिंह बघेल, आशीष नायडू और रामेश्वर निगवाल शामिल रहे।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद आरोपी पटवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 2018 की धारा 7 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इस कार्रवाई के बाद से स्थानीय राजस्व विभाग के दफ्तरों में भी खलबली मची हुई है। महकमे के अधिकारियों का कहना है कि कागजी काम के नाम पर अवैध वसूली करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह निगरानी और सख्त कदम उठाए जाएंगे।
