Friday, 25 September 2026
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मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग पर कांग्रेस का देशव्यापी प्रदर्शन: पटना में वाटर कैनन का इस्तेमाल, देहरादून में बैरिकेड्स पर चढ़े कार्यकर्ता

संक्षेप में

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ फैसलों में मनमानी और SIR प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस और अन्य दलों ने देशव्यापी प्रदर्शन किया है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट और बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिकाएं भी दायर की गई हैं, जिनमें एसआईटी जांच की मांग है।

मुख्य बातें

  • कांग्रेस और अन्य दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर देशव्यापी प्रदर्शन किया.
  • सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर 13 करोड़ वोटर्स के नाम हटाने की SIT जांच की मांग की गई है.
  • बॉम्बे हाईकोर्ट में महाराष्ट्र की वोटर लिस्ट के SIR के खिलाफ दो याचिकाएं दाखिल हुई हैं.
  • CJP ने 48 घंटे की डेडलाइन पूरी होने पर 2 अक्टूबर से देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है.
देश विदेश
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग पर कांग्रेस का देशव्यापी प्रदर्शन: पटना में वाटर कैनन का इस्तेमाल, देहरादून में बैरिकेड्स पर चढ़े कार्यकर्ता

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस ने शुक्रवार को देश के कई हिस्सों में प्रदर्शन किया। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग पर चढ़कर रोष जताया, वहीं पटना में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।

यह विरोध प्रदर्शन ऐसे समय में तेज हुआ है जब चुनावी हलकों में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ फैसलों और कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं। कांग्रेस का आरोप है कि आयोग में मनमाने फैसले लिए जा रहे हैं और अन्य आयुक्तों की आपत्तियों को दरकिनार किया जा रहा है।

मीडिया रिपोर्ट और दो अन्य आयुक्तों की आपत्तियां

कांग्रेस का यह आक्रामक रुख एक मीडिया रिपोर्ट के सामने आने के बाद और तेज हुआ है। पार्टी का दावा है कि पिछले 10 महीनों के दौरान अन्य दो चुनाव आयुक्तों ने आयोग के फैसलों पर 14 बार आपत्ति जताई है।

याचिकाकर्ताओं और विपक्षी दलों का आरोप है कि इन आंतरिक असहमतियों और आपत्तियों के बावजूद मुख्य चुनाव आयुक्त ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) से जुड़े 14 आदेश जारी किए। अब इन आदेशों को रद्द करने और दर्ज की गई आपत्तियों को सार्वजनिक करने की मांग जोर पकड़ रही है।

सुप्रीम कोर्ट और बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिकाएं

मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कानूनी मोर्चे पर भी सरगर्मी बढ़ गई है। सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर SIR के फैसलों, दिशानिर्देशों और सॉफ्टवेयर बदलावों को असंवैधानिक घोषित करने की मांग की गई है। इस याचिका में करीब 13 करोड़ वोटर्स के नाम सूची से हटाने के मामले की SIT जांच कराने का आग्रह किया गया है।

वहीं, महाराष्ट्र की वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को चुनौती देते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट में भी दो याचिकाएं दाखिल की गई हैं। इनमें SIR की पूरी प्रक्रिया, उसकी संवैधानिक वैधता और उसे लागू करने के तौर-तरीकों पर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं।

दिल्ली में प्रदर्शन और नेताओं की हिरासत

राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर एिसा की नेता नेहा बोरा के आह्वान पर प्रदर्शन आयोजित किया गया था। इसे रोकने के लिए पुलिस ने भारी सुरक्षा बल तैनात किया और बैरिकेडिंग की।

प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने ऐक्शन लेते हुए दीपांकर भट्टाचार्य और प्रशांत भूषण समेत कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया और बसों में भरकर वहां से ले गई।

कॉकरोच जनता पार्टी की 48 घंटे की डेडलाइन

इस बीच, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। CJP ने गुरुवार को ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। पार्टी ने शुक्रवार को चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय में इस्तीफा नहीं दिया गया, तो 2 अक्टूबर से देशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ देशव्यापी प्रदर्शन क्यों हो रहे हैं?

कांग्रेस और अन्य संगठन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। आरोप है कि उन्होंने अन्य चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों को दरकिनार कर मनमाने फैसले लिए हैं।

सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में क्या मांग की गई है?

सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में SIR के फैसलों, दिशानिर्देशों और सॉफ्टवेयर बदलावों को असंवैधानिक घोषित करने तथा करीब 13 करोड़ वोटर्स के नाम हटाने के मामले की SIT जांच की मांग की गई है।

किन राजनीतिक दलों और संगठनों ने अल्टीमेटम दिया है?

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने मुख्य चुनाव आयुक्त को 48 घंटे की डेडलाइन देते हुए इस्तीफा न मिलने पर 2 अक्टूबर से देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है।

दिल्ली के जंतर-मंतर पर पुलिस कार्रवाई में कौन हिरासत में लिया गया?

दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने दीपांकर भट्टाचार्य और प्रशांत भूषण सहित कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।